इमिग्रेशन नीति पर आर-पार: ट्रंप प्रशासन ने कोर्ट से कहा- आपको इसमें कोई अधिकार ही नहीं

निचली अदालतों ने टीपीएस समाप्ति के खिलाफ फैसला सुनाया है, यह पाते हुए कि अधिकारियों ने किसी देश का पदनाम रद्द करने से पहले वहां की स्थिति का आकलन करने के लिए इमिग्रेशन अधिनियम के तहत आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया.

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जून के अंत तक ट्रंप के लाए यूएस इमिग्रेशन पॉलिसी पर सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना सकता है.
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  • ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उनके प्रशासन के टीपीएस निर्णयों की न्यायिक समीक्षा नहीं हो सकती
  • संघीय न्यायाधीशों ने ट्रंप प्रशासन को हैती और सीरिया के टीपीएस लाभार्थियों से कानूनी दर्जा छीनने से रोका है
  • ट्रंप प्रशासन ने 13 देशों के टीपीएस सुरक्षा समाप्त करने की मांग की है, जिससे लाखों अप्रवासी प्रभावित होंगे
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय में लाखों अप्रवासियों के डिपोर्टेशन से बचाने वाली याचिकाओं पर अदालत से कहा कि न्यायालय इस क्षेत्र में उनके प्रशासन के निर्णयों की समीक्षा नहीं कर सकते. न्यूयॉर्क और वाशिंगटन डी.सी. के संघीय न्यायाधीशों ने ट्रंप प्रशासन को 350,000 से अधिक हाईटियन और 6,000 सीरियाई लोगों से अमेरिकी सरकार द्वारा प्रदत्त कानूनी दर्जा छीनने से रोक दिया, जो उन्हें डिपोर्टेशन से बचाता है. व्यापक हिंसा, अपराध, आतंकवाद और अपहरण का हवाला देते हुए, प्रशासन वर्तमान में किसी भी कारण से इन दोनों देशों की यात्रा नहीं करने की चेतावनी दे रहा है. न्यायाधीश बुधवार को प्रशासन की उन निर्णयों के विरुद्ध अपीलों पर सुनवाई करेंगे, जिनमें प्रशासन पूर्व गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम द्वारा हैती और सीरिया के लोगों के लिए अस्थायी संरक्षित स्थिति (टीपीएस) को समाप्त करने के कार्यों का बचाव कर रहा है.

ट्रंप द्वारा जनवरी 2025 में सत्ता में लौटने के बाद से वैध और अवैध आप्रवासन पर की जा रही व्यापक कार्रवाई के तहत टीपीएस और अन्य मानवीय सुरक्षा उपायों को रद्द करना एक महत्वपूर्ण कदम है. जब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर विचार किया, तो उसने प्रशासन के उस अनुरोध पर कोई कार्रवाई नहीं की जिसमें मामले की सुनवाई के दौरान हैती और सीरिया के नागरिकों के लिए टीपीएस सुरक्षा उपायों को तुरंत समाप्त करने की मांग की गई थी. पिछले साल इसी तरह की परिस्थितियों में कोर्ट ने प्रशासन को वेनेजुएला के नागरिकों के लिए टीपीएस समाप्त करने की अनुमति दी थी.

युद्ध और आपदाएं

1990 के इमिग्रेशव अधिनियम नामक अमेरिकी कानून के तहत, टीपीएस (ट्रांसजेंडर परमानेंट स्टेटस) एक ऐसा पदनाम है, जो युद्ध, प्राकृतिक आपदा या अन्य विपत्तियों से प्रभावित देशों के प्रवासियों को तब तक संयुक्त राज्य अमेरिका में रहने और काम करने की अनुमति देता है जब तक उनके लिए अपने गृह देशों में लौटना असुरक्षित न हो.

वादी के अनुसार, इस कानूनी विवाद के व्यापक प्रभाव हो सकते हैं, जिससे टीपीएस के तहत नामित सभी 17 देशों के 13 लाख अप्रवासी प्रभावित होंगे. ट्रंप प्रशासन ने अब तक इनमें से 13 देशों के लिए सुरक्षा समाप्त करने की मांग की है.

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निचली अदालतों ने प्रशासन द्वारा टीपीएस समाप्ति के खिलाफ फैसला सुनाया है, यह पाते हुए कि अधिकारियों ने किसी देश का पदनाम रद्द करने से पहले वहां की स्थिति का आकलन करने के लिए इमिग्रेशन अधिनियम के तहत आवश्यक प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया.

ट्रंप के न्याय विभाग का रुख

ट्रंप का न्याय विभाग इन बिंदुओं का खंडन करता है और एक व्यापक तर्क देता है जो भविष्य में चुनौतियों को विफल कर सकता है, यह दावा करते हुए कि अदालतें उसके टीपीएस निर्णयों पर पुनर्विचार नहीं कर सकतीं. विभाग ने सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका में कहा, "टीपीएस कानून स्पष्ट रूप से उन दावों की न्यायिक समीक्षा को रोकता है, जो सचिव के टीपीएस निर्णयों पर सवाल उठाते हैं, जिनमें उन निर्णयों के आधार पर प्रक्रियाएं और विश्लेषण शामिल हैं." इस और अन्य मामलों में, ट्रंप ने राष्ट्रपति शक्तियों के व्यापक दृष्टिकोण और न्यायिक क्षेत्राधिकार के सीमित दृष्टिकोण पर जोर दिया है.

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सीरियाई टीपीएस लाभार्थियों के वकील अहिलन अरुलानंथम ने कहा कि इस कानूनी लड़ाई में "बहुत कुछ दांव पर लगा है". अरुलानंथम ने कहा, "अगर सरकार सही है, तो वे बिना किसी देश की स्थिति की समीक्षा किए टीपीएस समाप्त कर सकते हैं - वे पूरी तरह से मनमाने कारणों से ऐसा कर सकते हैं." यूसीएलए स्कूल ऑफ लॉ के सेंटर फॉर इमिग्रेशन लॉ एंड पॉलिसी के सह-निदेशक अरुलानंथम ने एक कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान पत्रकारों से कहा कि प्रशासन की कार्रवाई समग्र रूप से किसी संघीय एजेंसी के तर्कसंगत निर्णय को नहीं दर्शाती, बल्कि यह टीपीएस को पूरी तरह से समाप्त करने का एक सुनियोजित प्रयास है.

अरुलानंथम ने आगे कहा, "यह वास्तव में इस कांग्रेसी कानून पर एक तरह का हमला है."

सुप्रीम कोर्ट, जिसमें 6-3 का रूढ़िवादी बहुमत है, ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति के विभिन्न कठोर इमिग्रेशन नीतियों को तुरंत लागू करने के अनुरोधों को स्वीकार कर लिया है, जबकि अदालतों में कानूनी चुनौतियां अभी भी जारी हैं. उदाहरण के लिए, इसने ट्रंप को उन देशों में अप्रवासियों को निर्वासित करने की अनुमति दी जहां उनका कोई संबंध नहीं है और संघीय एजेंटों को नस्ल या भाषा के आधार पर लोगों को डिपोर्टेशन के लिए अनुमति दी है. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जून के अंत तक फैसला सुनाए जाने की उम्मीद है.

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