अमेरिका और ईरान के बीच लागू दो हफ्ते का सीजफायर 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है. अभी तक चर्चा थी कि इस युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सकता है ताकि दोनों देश मिडिल ईस्ट में स्थायी शांति और युद्ध रोकने पर समझौता कर सकें. लेकिन अब अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने AFP से कहा है कि अमेरिका ने इस सीजफायर को आगे बढ़ाने के लिए औपचारिक सहमति अभी नहीं दी है.
मीडिया में इस तरह की खबरें आ रही थीं कि अमेरिकी सरकार ने ईरान के साथ युद्धविराम को आगे बढ़ाने पर सहमति दे दी है. लेकिन अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अब दावा किया है कि सरकार की तरफ से सीजफायर के एक्सटेंशन के लिए औपचारिक सहमति नहीं दी गई है.
अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर AFP को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच डील को लेकर संपर्क बना हुआ है. इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संकेत दिए थे कि दूसरे दौर की वार्ता इस्लामाबाद में दो दिन में हो सकती है.
उधर अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति के तहत फारस की खाड़ी में ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है. अमेरिकी सेना का दावा है कि सोमवार को नाकाबंदी लागू होने के बाद ईरानी के बंदरगाहों पर आने जाने वाले किसी भी जहाज ने होर्मुज स्ट्रेट पार नहीं किया है.
अमेरिकी सेना का ये भी कहना है कि ईरान के बंदरगाह से दो तेल टैंकर होर्मुज पार करने के लिए बढ़े थे, लेकिन उसके युद्धपोतों की तरफ से चेतावनी दिए जाने के बाद वापस लौट गए. उधर ईरान ने दावा किया है कि एक बड़ा तेल टैंकर होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी को धता बताते हुए ईरान के बंदरगाह पहुंच गया है. चौंकाने वाली बात ये है कि इस तेल टैंकर को अमेरिका ने पहले से प्रतिबंधित कर रखा था.
उधर अमेरिकी नाकाबंदी से बौखलाई ईरानी सेना ने अब कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी जारी रही तो वह लाल सागर, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी से होने वाले वैश्विक व्यापार को पूरी तरह रोक देगा.
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