हम सिर्फ बातें नहीं करते, हम खून बहाते हैं... ट्रंप की धमकी के जवाब में ईरानी संसद के स्पीकर

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना अगले दो-तीन हफ्तों तक ईरान पर "बेहद कड़ा हमला" करती रहेगी और देश को "पाषाण युग में वापस" ले जाएगी, हालांकि उन्होंने दावा किया कि उनके प्रशासन के सभी सैन्य लक्ष्य पूरे हो चुके हैं या उनसे भी आगे निकल चुके हैं.

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ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ युद्ध काल में लगातार अपनी सरकार का मनोबल बढ़ा रहे हैं.
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  • ट्रंप ने ईरान को दो से तीन सप्ताह तक कड़ा सैन्य हमला कर ईरान को पाषाण युग में पहुंचाने की बात कही
  • ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने ट्रंप को जवाब देते हुए ईरानियों के साहस की कहानी शेयर की
  • गालिबाफ ने कहा कि ईरानियों ने राष्ट्रीय अभियान में हथियार उठाने और देश की रक्षा के लिए तत्परता दिखाई है
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को आज धमकी दी कि अमेरिकी सेना अगले दो-तीन सप्ताह तक ईरान पर बड़ा हमला करती रहेगी और इसके जरिए ईरान को पाषाण काल में पहुंचा दिया जाएगा. अब इस पर ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने अमेरिका के ईरान के गौरवशाली इतिहास को याद दिलाया है. उन्होंने साफ शब्दों में ट्रंप को धमकी दी है और साथ-साथ ईरानियों का हौसला भी बढ़ाया है.

तब मैं 18 साल का था...

संसद अध्यक्ष ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में आक्रमणकारियों के खिलाफ ईरान के प्रतिरोध और देश की रक्षा की कहानी सुनाई. उन्होंने आक्रामक देशों और उनके सैनिकों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा, 'ध्यान से सुनो! अगर आप हमारी मातृभूमि को गलत नजर से देखते हैं, तो आप पूरे परिवार से पंगा ले रहे हैं. जब मैं अठारह वर्ष का था, तब मैंने हथियार उठाया और अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए निकल पड़ा; मेरा प्यारा और अजेय ईरान, हमारा शाश्वत घर. मेरे भाई हसन उस युद्ध में शहीद हो गए. आज भी मुझे उन्हें एक बार फिर गले लगाने की तीव्र इच्छा है. यह एक ऐसा दर्द है, जो हमेशा के लिए दिल में बस जाता है. 

और वह अकेले नहीं थे. युद्ध में मैंने अपने उन भाइयों को खो दिया, जो खून के रिश्ते से मेरे नहीं थे, लेकिन मेरे परिवार जैसे थे; ऐसे योद्धा जो शेरों की तरह लड़े और हमेशा के लिए मेरे जीवन का हिस्सा बन गए. हम सब ऐसे ही हैं. हम अपने प्यारे देश ईरान के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर देते हैं. हमने ईरान के लिए अपनी जवानी, अपना खून और अपना पूरा भविष्य कुर्बान कर दिया है. हम युद्ध भड़काने वाले नहीं हैं, लेकिन जब अपनी मातृभूमि की रक्षा की बात आती है, तो हममें से हर एक इस राष्ट्र का सिपाही बन जाता है.

लगभग 70 लाख ईरानियों ने एक राष्ट्रीय अभियान में, एक सप्ताह से भी कम समय में, हथियार उठाने, दुश्मन के खिलाफ खड़े होने और अपने देश की रक्षा करने की अपनी तत्परता घोषित कर दी. मैं स्पष्ट रूप से कहता हूं: अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए हम सिर्फ बातें नहीं करते - हम खून बहाते हैं. हमने पहले भी ऐसा किया है, और हम फिर से ऐसा करने के लिए तैयार हैं. अगर आप हमारी मातृभूमि को गलत नजर से देखते हैं... तो आप पूरे परिवार, हम सभी से निपट रहे हैं. हथियारों से लैस, तैयार और डटे हुए. आइए - हम इंतजार कर रहे हैं.'

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ट्रंप ने क्या धमकी दी 

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना अगले दो-तीन हफ्तों तक ईरान पर "बेहद कड़ा हमला" करती रहेगी और देश को "पाषाण युग में वापस" ले जाएगी, हालांकि उन्होंने दावा किया कि उनके प्रशासन के सभी सैन्य लक्ष्य पूरे हो चुके हैं या उनसे भी आगे निकल चुके हैं. बुधवार रात अपने संबोधन में ट्रंप ने ईरान के साथ वार्ता के बारे में कुछ नहीं कहा और न ही उन्होंने ईरान को 6 अप्रैल की अपनी नवीनतम समय सीमा का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने वैश्विक तेल और गैस परिवहन के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए कहा था. उन्होंने जलडमरूमध्य को दोबारा न खोलने पर ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला करने की धमकी दी है. ट्रंप ने आपूर्ति में आई बाधाओं को दूर करने का कोई स्पष्ट रास्ता भी नहीं बताया, जिसके कारण दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतें आसमान छू रही हैं. इसके बजाय, उन्होंने उन देशों से आग्रह किया, जो सामान्य रूप से जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाली आपूर्ति पर निर्भर हैं, कि वे स्वयं जाकर उसे "हासिल" करें.

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