मिडिल ईस्ट के लिए आज की सुबह एक बड़ी राहत लेकर आई है. अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण जंग पर 40 दिनों के बाद सीजफायर हो गया है. दोनों देशों ने आधिकारिक तौर पर दो हफ्तों के सीजफायर यानी युद्धविराम की घोषणा कर दी है. इस खबर के आते ही तेहरान में लोग इसे अपनी बड़ी जीत मानकर ढोल-नगाड़ों के साथ खुशियां मना रहे हैं.वहीं ईरान से सटे इराक में भी लोग जश्न में डुबे हैं. बगदाद के तहरीर स्क्वायर पर इराकियों का हुजूम जश्न मनाने सड़कों पर उतर आया है.
ईरान की तरफ से दावा किया जा रहा है कि यह अमेरिकी-इजरायली ताकतों के खिलाफ उनकी ऐतिहासिक जीत है. भारत में मौजूद ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस जीत का संदेश साझा किया है. हालांकि, दूसरी तरफ वाशिंगटन की तस्वीर बिल्कुल अलग है. ट्रंप इस युद्धविराम को अमेरिका की जीत बता रहे हैं.
पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ सीजफायर?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस पूरे घटनाक्रम की बारीकियों को साझा किया है. ट्रंप ने बताया कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ लंबी बातचीत की. ट्रंप के मुताबिक, पाकिस्तान ने अमेरिका से गुजारिश की थी कि ईरान पर होने वाले उस भीषण हमले को फिलहाल टाल दिया जाए, जो आज रात ही अंजाम दिया जाना था.
इसके बाद ट्रंप ने ईरान के सामने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने की शर्त रखी. ईरान के राजी होने के बाद अब दो हफ्तों के लिए बमबारी और हमले रोक दिए गए हैं.
'हमने 38 दिनों में पूरा किया अपना मिशन'
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इस युद्धविराम को राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी सेना की एक बड़ी उपलब्धि करार दिया है. उन्होंने कहा कि युद्ध की शुरुआत में ट्रंप ने अनुमान लगाया था कि यह जंग चार से छह हफ्ते चलेगी और ठीक 38वें दिन अमेरिका ने अपने मुख्य सैन्य उद्देश्यों को न केवल हासिल किया, बल्कि उनसे आगे निकल गया. अब वाशिंगटन का ध्यान 'दीर्घकालिक शांति' की ओर है.
क्या अब हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी ईरान अमेरिका की दुश्मनी?
युद्धविराम की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी वह '10 सूत्रीय प्रस्ताव' है जो ईरान की तरफ से अमेरिका को भेजा गया है. राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि पुराने विवादों के लगभग सभी बिंदुओं पर दोनों देशों के बीच सहमति बन चुकी है. यह दो हफ्तों का समय इस समझौते को अंतिम रूप देने और उसे लागू करने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.
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