अमेरिका से वार्ता के मुद्दे पर ईरान की टॉप लीडरशिप में मतभेद की खबरों पर ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय ने प्रतिक्रिया दी है. राष्ट्रपति कार्यालय में कम्युनिकेशन मामलों के डिप्टी चीफ मेहदी तबातबाई ने ईरानी नेतृत्व के बीच किसी भी प्रकार के मतभेद या फूट की खबरों को पूरी तरह खारिज किया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्षविराम बढ़ाने का ऐलान करते हुए कहा था कि ईरान की लीडरशिप विभाजित (फ्रैक्चर्ड) है, इसीलिए वह साझा प्रस्ताव पेश नहीं कर पा रहे हैं.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति का नाम लिए बिना उन्हें आड़े हाथ लिया और इस तरह के दावों को 'झूठ' और 'राजनीतिक प्रोपेगेंडा' करार दिया.
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प्रवक्ता ने दावा किया कि इस वक्त ईरानी लीडरशिप के अंदर अभूतपूर्व और अविश्वसनीय एकता है. ईरानी नेताओं के बीच किसी भी तरह की दरार की बातें फैलाना सिर्फ वैश्विक स्तर पर भ्रम पैदा करने की कोशिश है, इससे ज्यादा कुछ नहीं.
प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट मैसेज में कहा कि (अमेरिका को) झूठ फैलाने के बजाय वादा करके तोड़ना बंद करना चाहिए, दादागिरी और छल-कपट बंद करना चाहिए.
ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान की तरफ से अमेरिका से बातचीत के दरवाजे हमेशा खुले हुए हैं, अगर वो निष्पक्षता, गरिमा और तर्कसंगत तरीके से बात करे.
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बता दें कि ईरान ने अभी तक पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली शांति वार्ता के लिए रजामंदी नहीं दी है. उसने शर्त रखी है कि पहले अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटाए, उसके बाद वह बातचीत करने पर विचार करेगा.
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान से दूसरे दौर की वार्ता शुक्रवार को इस्लामाबाद में हो सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से न्यूयॉर्क पोस्ट ने ये दावा किया है. जब इस बारे में ट्रंप से पूछा गया तो उन्होंने इस पर सकारात्मक जवाब देते हुए उम्मीद जताई कि वार्ता से कोई अच्छी खबर मिल सकती है.














