तालिबान के नए कोड में मौलवियों को अपराध की छूट, ऐसे 7 चौंकाने वाले फैसले

मध्यम वर्ग के लिए जेल का प्रावधान है, जबकि 'निचले वर्ग' के लोगों को उसी अपराध के लिए जेल के साथ-साथ कोड़े मारने जैसी शारीरिक प्रताड़ना भी दी जाएगी.

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  • महिलाओं की सार्वजनिक जगहों पर जोर से बोलने और प्रार्थना करने पर प्रतिबंध लगाया गया है
  • मीडिया और विज्ञापनों में इंसानों और जानवरों की तस्वीरें और वीडियो दिखाने पर पूरी तरह रोक है
  • अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि बिना पुरुष रिश्तेदार के किसी भी महिला का इलाज न करें
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तालिबान के सुप्रीम लीडर हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने 4 जनवरी 2026 को एक नया आपराधिक प्रक्रिया कोड लागू किया है. जिसमें समाज को चार श्रेणियों (धर्मगुरु, एलीट, मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग) में बांटा गया है. इसमें आर्टिकल 9 के तहत, यदि कोई इस्लामी विद्वान (उलेमा) अपराध करता है, तो उसे केवल 'सलाह' दी जाएगी. एलीट यानी रसूखदारों को कोर्ट में बुलाकर सलाह दी जाएगी. मध्यम वर्ग के लिए जेल का प्रावधान है, जबकि 'निचले वर्ग' के लोगों को उसी अपराध के लिए जेल के साथ-साथ कोड़े मारने जैसी शारीरिक प्रताड़ना भी दी जाएगी.

तालिबान के दूसरे अजीबोगरीब फरमान

  1. महिलाओं की आवाज पर पाबंदी: 'सदा-ए-औरत' (महिला की आवाज) को लेकर जारी नए नियमों के अनुसार, महिलाएं सार्वजनिक स्थानों पर जोर से नहीं बोल सकतीं. यहां तक कि वे घर के बाहर प्रार्थना या कुरान पाठ भी इस तरह नहीं कर सकतीं.
  2. जीवित प्राणियों की तस्वीरों पर बैन: तालिबान के 'नैतिकता मंत्रालय' ने मीडिया और विज्ञापनों में इंसानों और जानवरों (जीवित प्राणियों) की तस्वीरों और वीडियो के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है.
  3. खिड़कियों को ढकने का आदेश: कई प्रांतों में यह आदेश जारी किया गया है कि घरों की खिड़कियों को काले रंग से पेंट किया जाए या उन्हें मोटे पर्दों से ढका जाए, ताकि घर के अंदर मौजूद महिलाएं बाहर से किसी को दिखाई न दें.
  4. अकेली महिला को इलाज नहीं: अस्पतालों और क्लिनिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसी किसी भी महिला का इलाज न करें, जिसके साथ उसका 'महरम' (पुरुष रिश्तेदार) न हो.
  5. बालों और दाढ़ी पर नियंत्रण: पुरुषों के लिए 'पश्चिमी शैली' के हेयरकट और दाढ़ी कटवाने पर पूरी तरह पाबंदी है. ऐसा करने पर जेल और जुर्माना दोनों हो सकता है.
  6. पार्क और जिम में नो एंट्री: महिलाओं के लिए सभी सार्वजनिक पार्कों, जिमों, मनोरंजन केंद्रों और यहां तक कि सार्वजनिक स्नानागारों (Hammam) में जाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है.
  7. संगीत और शोर पर रोक: सार्वजनिक वाहनों और समारोहों में किसी भी प्रकार का संगीत बजाना अपराध की श्रेणी में आता है.

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