- ईरान में वायरल हुए एक पोस्टर में नए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मुजतबा खामनेई की फोटो शहीदों के साथ दिखी
- पोस्टर में खामनेई की तस्वीर को बाद में बदलकर सैय्यद हसन नसरूल्लाह की फोटो लगाई गई और खामनेई की तस्वीर अलग की
- ईरान के मशहद में मौजूद जमीर जाफरी ने बताया कि खामनेई की फोटो पोस्टर में गलती से शहीदों के साथ लगाई गई थी
ईरान में इन दिनों एक पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है. जिसमें सभी शहीदों की फोटो लगाई गई है. इसमें नए सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह मुजतबा खामनेई भी शहीदों की फोटो में नजर आते हैं. पोस्टर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह आशंका जताई जाने लगी कि आयतुल्लाह मुजतबा की भी शहादत हो गई है. इसी वजह से ईरान की जनता ने ये शहीदों वाला पोस्टर निकाला. इस वायरल पोस्टर के बाद मीडिया में भी ये पोस्टर छा गया. वहीं NDTV ने पोस्टर और आयतुल्लाह मुजतबा खामनेई की स्थिति जानने के लिए पड़ताल की, जिसमें हमने ईरान के मशहद में मौजूद जमीर जाफरी से खात बात की.
लगा अब नया शहीदों का पोस्टर
मशहद में मौजूद जमीर जाफरी बताते हैं कि मुजतबा खामनेई का पोस्टर में फोटो होने का मतलब ये नहीं था कि वो शहीद हो गए हैं. वो सर्वोच्च नेता हैं इसलिए उनका फोटो लगाया गया. हालांकि अब उस पोस्टर को बदल दिया गया है. उनकी जगह पर सैय्यद हसन नसरूल्लाह की फोटो लगा दी गई है और आयतुल्लाह मुजतबा की तस्वीर को शहीदों की तस्वीरों से अलग कर दिया गया है. पहले पोस्टर को गलत तरीके से देखा जा रहा था. जिसकी वजह से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई थी. श्राइन के डायरेक्टर ने कहा कि हमने आयतुल्लाह मुजतबा कि फोटो फ्रेम से साइड में बड़ी करके लगानी थी. लेकिन पोस्टर में शहीदों के साथ उनकी फोटो लग गई, जिससे गलतफहमी हो गई. इसके फौरन बाद हम लोगों ने पोस्टर को बदलवा दिया और खामनेई की बड़ी फोटो साइड में लगा दी.
'सुप्रीम लीडर जिंदा है'
इस पोस्टर के बाद ये आशंका जो लगाई जा रही थी कि आयतुल्लाह मुजतबा खामनेई शायद जिंदा नहीं है. उन सब अटकलों एवं अफवाह पर खुद भारत में उनके उप प्रतिनिधि डॉ मोहम्मद हुसैन ज़ियानी ने साफ कर दिया है कि आयतुल्लाह मुजतबा खामनेई सही सलामत हैं और जितनी भी उनके सेहत के खिलाफ खबरें चलाई जा रही है वो सब गलत हैं.
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'भारतीय हमेशा हक के साथ खड़े हैं'
ईरान में स्कॉलर जमीर जाफरी एनडीटीवी से खास बात करते हुए कहते हैं कि ईरान में भारतीय सही सलामत हैं और वो हमेशा हक के साथ खड़े हैं. साथ ही हिंदुस्तान की तरफ से भी मजलूम के साथ खड़े हुए हैं. उन्होंने ट्रंप के भारत के खिलाफ टिप्पणी की भी निंदा की. उन्होंने यह भी बताया कि ईरान की सेना के साथ जनता भी हर स्थिति के लिए तैयार है. ईरानी 2 महीनें से सड़कों पर सरकार के साथ खड़े हुए हैं. वो जंग के लिए भी तैयार है. अपने हक वो किसी को नहीं देने वाले.
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