24 अप्रैल तक मिडिल ईस्ट से दूर रहो... ईरान-अमेरिका सीजफायर के बीच जारी हमलों को देखते हुए EASA ने एयरलाइंस से कहा

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायक के बाद भी हमले जारी हैं. इस बीच यूरोपीय विमानन संस्था EASA ने विमानों को मिडिल ईस्ट के हवाई क्षेत्रों में जाने की डेडलाइन बढ़ा दी है.

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  • EASA ने मिडिल ईस्ट और खाड़ी क्षेत्र के हवाई क्षेत्र से दूर रहने की एडवाइजरी 24 अप्रैल तक बढ़ाई है
  • EASA ने यह फैसला मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सुरक्षा कारणों को देखते हुए लिया है
  • ईरान ने अमेरिका पर दो हफ्ते के सीजफायर समझौते के 3 पॉइंट्स के उल्लंघन का आरोप लगाया है
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ईरान और अमेरिका के बीच भले ही सीजफायर हो गया हो, लेकिन अभी भी मिडिल ईस्ट में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है. दोनों ओर से हमले जारी हैं. इस बीच यूरोप की विमानन सुरक्षा नियामक संस्था EASA ने एयरलाइंस के लिए अपनी एडवाइडरी को आगे बढ़ाते हुए उन्हें 24 अप्रैल तक मिडिल ईस्ट और खाड़ी क्षेत्र के हवाई क्षेत्र से दूर रहने को कहा है.

EASA ने बढ़ाई डेडलाइन

अलजजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, EASA ने एयरलाइंस के लिए डेडलाइन बढ़ाई है. यह एडवाइजरी अब 24 अप्रैल तक लागू रहेगी. यह डेडलाइन वैसे 10 अप्रैल को खत्म होने वाली थी. लेकिन मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को देखते हुए EASA ने यह फैसला लिया है. एडवाइजरी में कहा गया है कि एयरलाइन ऑपरेटरों से अपील है कि वे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपनी उड़ानों का मार्ग बदल लें.

ईरान ने सीजफायर के तीन पॉइंट्स के उल्लंघन का किया दावा

अमेरिका और ईरान के बीच 7 अप्रैल को दो हफ्ते के लिए सीजफायर को लेकर सहमति बनी है. दोनों पक्ष सीजफायर करने के लिए 10 पॉइंट्स पर राजी हुए. इस बीच ईरान ने आरोप लगाया है कि तीन प्वाइंट का उल्लंघन हुआ है. सीएनबीसी न्यूज के अनुसार, ईरान के संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने बुधवार को अमेरिका पर दो हफ्ते के सीजफायर समझौते को तोड़ने का आरोप लगाया. गालिबफ ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा, "अमेरिका पर हमारा जो गहरा ऐतिहासिक अविश्वास है, वह उसके सभी तरह के कमिटमेंट्स के बार-बार उल्लंघन से पैदा हुआ है. अफसोस की बात है कि अमेरिका के इस पैटर्न को एक बार फिर दोहराया गया है."

गालिबफ ने कहा कि ईरान के 10-पॉइंट सीजफायर प्रस्ताव के तीन हिस्सों का उल्लंघन किया गया है. उल्लंघन में इजरायल का लेबनान पर लगातार हमले, ईरानी एयरस्पेस में एक ड्रोन का घुसना और इस्लामिक रिपब्लिक के यूरेनियम को संवर्धन करने के अधिकार को मना करना शामिल है.

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ईरान और अमेरिका के बीच इन 10 प्वाइंट पर बनी बात

  1. दोनों पक्षों द्वारा गैर-आक्रामकता की गारंटी और ईरान के यूरेनियम संवर्धन को स्वीकार करना.
  2. ईरान की सेना के साथ तालमेल बैठाकर होर्मुज स्ट्रेट से नियंत्रित मार्ग.
  3. लेबनान में हिज्बुल्लाह समूह के खिलाफ लड़ाई समेत सभी मोर्चों पर जंग खत्म करना.
  4. इलाके के सभी बेस और डिप्लॉयमेंट पॉइंट से अमेरिकी सुरक्षा बल को हटाना.
  5. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को खत्म करना.
  6. होर्मुज स्ट्रेट में एक सुरक्षित ट्रांजिट प्रोटोकॉल बनाना, जो तय शर्तों के तहत ईरानी दबदबे की गारंटी दे.
  7. संघर्ष के दौरान अनुमान के मुताबिक ईरान को हुए नुकसान की पूरी भरपाई.
  8. ईरान के खिलाफ सभी मुख्य और दूसरे बैन हटाना.
  9. विदेश में सभी ब्लॉक ईरानी संपत्तियों को रिलीज करना.
  10. इन सभी शर्तों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के एक बाइंडिंग प्रस्ताव के जरिए मंजूरी देना, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत आ जाएं.
     

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