पिछले कुछ महीनों में भारत की सुरक्षा एजेंसियों की जांच में एक नाम बार-बार और सबसे तेजी से सामने आ रहा है. यह नाम है शहजाद भट्टी. पाकिस्तान में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के तौर पर पहचान बनाने वाला शहजाद भट्टी आज भारतीय जांच एजेंसियों के मुताबिक एक ऐसे डिजिटल आतंकी नेटवर्क का आका बन चुका है, जिसके तार गैंगस्टर, आतंकी मॉड्यूल, सोशल मीडिया पर युवाओं की भर्ती, हथियारों की तस्करी और भारत में अशांति फैलाने की बड़ी साजिशों से जुड़े हैं.
बीते शनिवार को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने भट्टी के मॉड्यूल से जुड़े 9 संदिग्धों को दबोचा, जो देश भर में बड़े हमलों की फिराक में थे. वहीं, मई 2026 के आखिरी हफ्ते में UP ATS और STF ने एक बड़ा साझा ऑपरेशन चलाकर भट्टी-आबिद जट्ट मॉड्यूल के 4 खतरनाक गुर्गों को गिरफ्तार किया था.दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल, NIA, यूपी ATS, उत्तराखंड STF और कई केंद्रीय एजेंसियों की रडार पर अब यह शख्स सबसे ऊपर आ चुका है.
कौन है शहजाद भट्टी?
शहजाद भट्टी मूल रूप से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है. आज भले ही वह सोशल मीडिया पर खुद को कारोबारी, समाजसेवी और धार्मिक मामलों पर बोलने वाला बड़ा इन्फ्लुएंसर दिखाता हो, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के पास उसकी जो क्राइम प्रोफाइल है, वो बेहद चौंकाने वाली है. पाकिस्तानी पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, करीब 45 साल के शहजाद भट्टी पर साल 2013 में पहली बार चोरी और डकैती के मुकदमे दर्ज हुए थे. इसके बाद उस पर बलात्कार जैसे गंभीर आरोप भी लगे.
भारत-पाकिस्तान संबंध, धार्मिक विवाद और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के आपसी झगड़ों पर तीखे वीडियो बनाकर उसने लाखों फॉलोअर्स जुटा लिए. लेकिन एजेंसियों का कहना है कि यह लोकप्रियता सिर्फ एक मुखौटा थी, जिसके पीछे भारत के खिलाफ एक बड़ा आतंकी नेटवर्क तैयार किया जा रहा था.
भारतीय जांच एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी अकेले काम नहीं कर रहा है. उसके पीछे ISI का हाथ है और पाकिस्तान में बैठे आबिद जट्ट, अजमल गुज्जर और यावर खान जैसे खतरनाक हैंडलर्स उसके साथ सीधे जुड़े हैं. इनका काम करने का तरीका बेहद शातिर है.
सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब) के जरिए पहले भारत के बेरोजगार और गुमराह युवाओं की पहचान की जाती है. इसके बाद उनसे इनबॉक्स में निजी बातचीत शुरू होती है और फिर सीधे वीडियो कॉल के जरिए उनकी मुलाकात शहजाद भट्टी से करवाई जाती है.
युवाओं को आसान पैसा, हथियारों के साथ रील बनाकर सोशल मीडिया पर मशहूर होने और विदेश में बसाने के सपने दिखाए जाते हैं. शुरुआत में उन्हें छोटे-छोटे काम जैसे किसी जगह का वीडियो या फोटो भेजना, दिए जाते हैं और फिर धीरे-धीरे उन्हें दलदल में खींच लिया जाता है. महाराष्ट्र ATS भी इस ऑनलाइन रेडिकलाइजेशन मॉडल को डिकोड करने के लिए कई संदिग्धों से पूछताछ कर रही है.
देशभर में पैन इंडिया ऑपरेशन
जब भारतीय एजेंसियों को इस पूरे नेटवर्क की भनक लगी, तो मई 2026 के पहले हफ्ते में भट्टी के मॉड्यूल के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया. यह 48 घंटे का एक ऐसा मेगा क्रैकडाउन था, जिसमें दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी, एमपी और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में एक साथ छापेमारी की गई.
- सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, एजेंसियों के पास 500 से ज्यादा संदिग्ध मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट्स की लिस्ट थी.
- पंजाब के सीमावर्ती इलाकों से 40 से अधिक संदिग्धों को राउंडअप किया गया.
- हरियाणा STF ने करीब 90 युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की.
दिल्ली में भी 20 से ज्यादा युवकों को पूछताछ के लिए बुलाकर उनकी काउंसलिंग कराई गई और उनके सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट करवाए गए ताकि वे आगे इस नेटवर्क के बहकावे में न आएं. इस पूरे ऑपरेशन में कुल 481 अपराधियों और संदिग्धों को दबोचा गया.
तेहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) का खौफनाक एजेंडा
जांच में यह भी सामने आया है कि शहजाद भट्टी का नाम तेहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) नाम के एक नए संगठन से जुड़ा है. दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्हें दिल्ली और फरीदाबाद की दीवारों पर TTH लिखने का काम दिया गया था
पुलिसकर्मी और सुरक्षा बल थे निशाने पर
जांच एजेंसियों के मुताबिक सबसे गंभीर खुलासा पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की योजना को लेकर हुआ. गिरफ्तार युवकों ने बताया कि भट्टी ने उन्हें निर्देश दिए थे कि किसी पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला करो, उसका वीडियो रिकॉर्ड करो और सोशल मीडिया पर वायरल कर दो. इसके बदले उन्हें लाखों रुपये देने का वादा किया गया था.
यूपी के एक पुलिसकर्मी की तो बकायदा रेकी भी कर ली गई थी, लेकिन आखिरी वक्त पर शूटर का हथियार जाम हो जाने से उसकी जान बच गई. इसके साथ ही, पंजाब में हाल ही में हुई तीन पुलिसकर्मियों की हत्या की जिम्मेदारी खुद शहजाद भट्टी ने सोशल मीडिया पर ली और उसके वीडियो भी जारी किए.
अस्पताल, राजनीतिक दफ्तर और मंदिर ,सब निशाने पर
हाल ही में UP ATS और दिल्ली पुलिस की जांच में जो बातें सामने आई हैं, वो रोंगटे खड़े करने वाली है. अस्पताल और राजनीतिक दफ्तर (मई 2026 का खुलासा): यूपी ATS द्वारा पकड़े गए गुर्गों ने कुबूल किया कि भट्टी के कहने पर उन्होंने दिल्ली और पंजाब के भीड़भाड़ वाले अस्पतालों और एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी के दफ्तर की GPS लोकेशन और वीडियो पाकिस्तान भेजे थे. वहां ब्लास्ट की तैयारी थी. इसके अलावा पंजाब में स्कूल चलाने वाले एक नामचीन शख्स की हत्या की साजिश भी रची गई थी.
- दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जानकारी पाकिस्तान भेजी जा चुकी थी. वहीं, दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक मशहूर ढाबा भी इनके निशाने पर था, जहां ग्रेनेड हमला करके भारी तबाही मचाने की योजना थी.
- हरियाणा के हिसार में स्थित एक सैन्य प्रतिष्ठान (Military Establishment) की भी रेकी की गई थी, जिसके वीडियो भट्टी को भेजे गए थे.
पंजाब के ग्रेनेड हमले और NIA की चार्जशीट
शहजाद भट्टी का नाम पंजाब में हुए कई बड़े हमलों में आ चुका है. जालंधर के रायपुर रसूलपुर गांव में यूट्यूबर रोजर संधू के घर 16 मार्च 2025 को जो ग्रेनेड हमला हुआ था, उसकी जांच अब NIA कर रही है. NIA की चार्जशीट में शहजाद भट्टी को मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल बताया गया है, जो एन्क्रिप्टेड ऐप्स (जैसे सिग्नल या टेलीग्राम) के जरिए लोकल शूटरों को निर्देश दे रहा था.
लॉरेंस बिश्नोई से पहले दोस्ती... फिर खूनी दुश्मनी
एक समय था जब सोशल मीडिया पर शहजाद भट्टी और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बीच अच्छे संबंध हुआ करते थे. दोनों की वीडियो कॉल भी वायरल हुई थी, जिसमें भट्टी खुद को लॉरेंस का करीबी बताते हुए उसके लिए किसी भी हद तक जाने की बात कर रहा था.
फरवरी 2026 में रणदीप मलिक ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि पुर्तगाल में शहजाद भट्टी पर जो जानलेवा हमला हुआ था, वह बिश्नोई गैंग ने ही कराया था. पोस्ट में लिखा गया था कि 'जो भी देश के खिलाफ बोलेगा, उसका यही अंजाम होगा.
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड, नीतीश कुमार और मिथुन चक्रवर्ती को धमकियां
शहजाद भट्टी का नाम भारत के कई हाई-प्रोफाइल मामलों से भी जुड़ चुका है.एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में शामिल शूटर जीशान अख्तर ने एक वीडियो में दावा किया था कि भारत से फरार होने में शहजाद भट्टी के नेटवर्क ने ही उसकी मदद की थी. भट्टी पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बॉलीवुड अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को भी धमकी देने के आरोप लग चुके हैं. पिछले दो सालों में अलग-अलग राज्यों से शहजाद भट्टी के सैकड़ो गुर्गे गिरफ्तार किए गए हैं
कभी सोशल मीडिया पर केवल वीडियो बनाने वाला एक यूट्यूबर आज भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए मोस्ट वांटेड आतंकी बन चुका है. युवाओं का ब्रेनवाश करना, संवेदनशील ठिकानों की रेकी कराना, टारगेट किलिंग और देश में दहशत फैलाना शहजाद भट्टी का यह डिजिटल सिंडिकेट अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुका है और यही वजह है कि देश की तमाम बड़ी जांच एजेंसियां अब इसके पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने में जुटी हैं.











