इस्लाम (Islam) में सबसे पाक माने जाने वाला सऊदी अरब (Saudi Arab) का शहर मक्का (Mecca) कोरोनावायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के बाद सबसे अधिक हाजियों के आने का इंतजार कर रहा है. 2019 के बाद पहली बार अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को आने की अनुमति दी गई है. मक्का शहर में हाजियों के स्वागत के लिए बैनर लगाए गए हैं. शहर की सड़कों पर एक तरफ जहां सुरक्षाबल चौकन्ने हैं तो वहीं चौराहों और गलियों को सजाया गया है. मक्का में पैगंबर मोहम्मद (Prophet Muhammad) का जन्म हुआ था.
सूडान के हाजी अब्देल कादर खेदर ने मक्का में AFP को बताया, " यह बहुत खुशी का मौका है. बुधवार को हज शुरू होने से पहले उन्होंने कहा, मुझे लगभग विश्वास नहीं हो रहा मैं यहां हूं. मैं हर लम्हे का उत्सव मना रहा हूं.
इस साल हज के लिए 10 लाख लोगों को आने की मंजूरी दी गई है. जिनमें से 8, 50,000 विदेशों से आएंगे. हज इस्लाम का एक प्रमुख स्तंभ है और सभी सक्षम मुस्लिमों को एक बार कम से कम हज करना होता है. कोरोनावायरस (Covid19) के कारण हाजियों की संख्या में काफी कटौती की गई थी. अधिकारियों ने बताया कि सऊदी अरब में अब तक कम से कम 650,000 विदेश से हाजी पहुंच चुके हैं. साल 2019 में करीब 25 लाख लोग हज में शामिल हुए थे.
इस परंपरा में काबा की परिक्रमा करना भी शामिल है. यह मक्का की बड़ी मस्जिग में काले रंग का चौकोर हिस्सा है. इस दौरान मीना में अराफात के पहाड़ पर शैतान पर पत्थर भी फेंके जाते हैं. लेकिन 2019 के बाद हाजियों की संख्या घटा कर केवल 10,000 कर दी गई थी. 2021 में जब सऊदी में पूरी तरह से टीका पाए लोगों की संख्या 60,000 पहुंची. हज को कोरोना का वैश्विक सुपर -स्प्रेडर बनने से रोकने के लिए हाजियों की संख्या घटाई गई थी.
इस साल मक्का की बड़ी मस्जिद में 10 लाख वैक्सीन लगा चुके हाजी सख्त साफ-सफाई के मानकों के साथ हज के लिए इकठ्ठा होंगे. मक्का मस्जिद की दिन में 10 बार सफाई होती है और यहां डिस्इंफेक्टेंट छिड़का जाता है.
हो चुके हैं कई हादसे
हज के दौरान कई हादसे भी हो चुके हैं. इसमें 2015 की एक भगदड़ शामिल है जिसमें 2,300 लोग मारे गए थे और 1979 में सैकड़ों बंदूकधारियों ने यहां हमला कर दिया था जिसमें आधिकारिक आंकड़े के अनुसार, 153 की मौत हुई थी.
हज के दौरान हो रहे बदलाव
इस्लाम के पांच स्तंभों में से एक होने के कारण इसकी वजह से यहां की राजशाही को काफी सम्मान प्राप्त होता है. यहां के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Crown Prince Mohammed bin Salman) का कूटनीतिक वनवास भी एक तरह से खत्म हो रहा है. हज के कुछ दिन बाद प्रिंस मोहम्मद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) का स्वागत करेंगे.
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद तेल के दाम बढ़ते ही जा रहे हैं. 2018 में पत्रकार जमाल खशोगी की सऊदी एजेंटों द्वारा हत्या के बाद जो बाइडेन ने सऊदी अरब को अलग-थलग करने की बात कही थी. लेकिन अब बाजी पलट रही है. हज से अब सऊदी अरब देश में बदल रही मानवाधिकारों की हालत भी सामने रख रहा है.
हाल ही में सऊदी अरब में जेद्दाह में बीच पर पुरुष और महिलाओं दोनों को साथ जाने की अनुमति मिली. पिछले साल तक महिला हाजियों को किसी पुरुष के साथ ही आना होता था. लेकिन इन शर्त को इस साल हटा लिया गया है. अब महिला हाजी बिना किसी पुरुष रिश्तेदार के अकेले भी हज के लिए आ सकती हैं.