- फ्रांसीसी इंजन निर्माता सैफरान भारत में राफेल जेट के लिए इंजन असेंबली लाइन स्थापित करने जा रही है
- सैफरान स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं से पुर्जे खरीदकर भारत के एयरोस्पेस उद्योग को समर्थन प्रदान करेगी
- भारत ने राफेल और बोइंग पी-8I समुद्री गश्ती विमानों की खरीद के लिए प्रारंभिक मंजूरी दे दी है
फ्रांसीसी इंजन निर्माता सैफरान (SAF.PA) भारत में इंजन असेंबली लाइन स्थापित करने के लिए तैयार है, ताकि भारत की स्थानीय उत्पादन की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके. सैफरान ही राफेल जेट के लिए एम-88 इंजन बनाती है. फ्रांस और भारत की सरकारें 114 और राफेल जेट खरीदने पर बातचीत कर रही हैं. कंपनी के सीईओ ने शुक्रवार को रायटर्स यह जानकारी दी. ओलिवियर एंड्रीज ने पत्रकारों को बताया कि सैफरान भारत के एयरोस्पेस उद्योग को समर्थन देने के लिए स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं से भी पुर्जे खरीदेगी. भारत ने गुरुवार को राफेल और बोइंग (BA.N) पी-8I समुद्री गश्ती विमानों सहित अन्य खरीद के लिए प्रारंभिक मंजूरी दे दी है. यह मंजूरी अगले सप्ताह फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की भारत यात्रा से पहले दी गई है.
राफेल सौदे में और क्या-क्या
सूत्रों ने बताया कि इस परियोजना के तहत, राफेल बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट एविएशन द्वारा 18 विमान सीधे ‘उड़ान भरने की स्थिति' में आपूर्ति किए जाएंगे और शेष विमानों का निर्माण भारत में किया जायेगा, जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी उत्पादन शामिल होगा और यह उत्पादन चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जायेगा. रक्षा मंत्रालय ने खरीद की लागत का खुलासा नहीं किया है, लेकिन अनुमान है कि यह 2.90 लाख करोड़ रुपये से 3.15 लाख करोड़ रुपये के बीच होगी. अगर सबकुछ समय पर रहा तो भारत को 2028-29 तक पहला विमान मिल जाएगा. इस डील में चूंकि भारत और फ्रांस के बीच पहले से एक समझ बनी हुई है. इसलिए संभव है कि पहले डील साइन हो जाए, उसके बाद कीमत पर नेगोशिएशन होता रहेगा. इससे विमानों की डिलीवरी में लगने वाला समय घटने की उम्मीद है.
AMCA को लेकर नए इंजन की डील?
भारत और फ्रांस की कंपनी साफरान पांचवी पीढ़ी के भारत के लड़ाकू विमान AMCA के लिए भी इंजन बनाने पर काम कर रहे हैं. 22 अगस्त 2025 को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फाइटर जेट इंजन पर बड़ा खुलासा करते हुए कहा था कि आज हम Fifth Generation fighter aircraft बनाने की दिशा में भी आगे कदम बढ़ा चुके हैं. हम एयरक्राफ्ट का इंजन भी भारत में ही बनाने की तरफ़ बढ़ चुके हैं. हम लोग फ्रेंच कंपनी Safaran के साथ इंजन मेकिंग का काम भारत में शुरू करने जा रहे हैं. अब लगता है कि भारत और फ्रांस न सिर्फ राफेल बल्कि AMCA के लिए भी इंजन पर डील कर चुके हैं. इसकी घोषणा फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के भारत दौरे पर हो सकती है.
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