- रूस ने दक्षिण कोरिया को नाटो के तहत यूक्रेन को हथियार आपूर्ति रोकने के लिए स्पष्ट चेतावनी दी है
- रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा कि कोरिया की भागीदारी संघर्ष समाधान की संभावनाओं को कमजोर करेगी
- जखारोवा ने कहा कि सियोल के पीयूआरएल कार्यक्रम में शामिल होने पर रूस जवाबी कार्रवाई करेगा
रूस ने शनिवार को दक्षिण कोरिया को नाटो प्रायोजित कार्यक्रम के तहत यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति के खिलाफ चेतावनी दी. रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा, “हम एक बार फिर इस बात पर जोर देना चाहेंगे कि, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष, किसी भी रूप में इस तरह की आपूर्ति में कोरिया गणराज्य की संभावित भागीदारी केवल संघर्ष के समाधान की संभावनाओं को कमजोर करेगी.”
जवाबी कार्रवाई को रहें तैयार
जखारोवा ने चेतावनी दी कि अगर सियोल पीयूआरएल (यूक्रेन की प्राथमिकता प्राप्त आवश्यकता सूची) कार्यक्रम से जुड़ता है, तो मॉस्को को जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा. उत्तर एटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने यूक्रेन को मुफ्त में हथियार आपूर्ति रोकने के अमेरिकी फैसले के खिलाफ साल 2025 में पीयूआरएल कार्यक्रम शुरू किया था. इस कार्यक्रम के तहत कीव अपनी सैन्य जरूरतों का निर्धारण करता है, जिसके लिए यूरोपीय संघ धन आवंटित करता है, अमेरिका से हथियार खरीदता है और उन्हें यूक्रेन को मुफ्त में प्रदान करता है.
संबंधों को लेकर भी चेताया
रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, “इससे रूस और दक्षिण कोरिया के बीच संबंधों को निस्संदेह अपूरणीय क्षति पहुंचेगी और कोरियाई प्रायद्वीप पर रचनात्मक संवाद बहाल करने की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी. ऐसी स्थिति में हमें जवाबी कार्रवाई करने के अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.” उन्होंने कहा कि मॉस्को को इस कार्यक्रम में सियोल की संभावित भागीदारी से जुड़ी खबरों पर आश्चर्य हुआ, क्योंकि ऐसे कदम देश की आधिकारिक गैर-भागीदारी की नीति के विपरीत होंगे.
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