यूक्रेन ने सुखा दिए रूस के पेट्रोल पंप! दुनिया को तेल बेचने वाला देश तेल खरीदने को कैसे हुआ मजबूर?

एक के बाद एक तेल रिफाइनरी पर यूक्रेन के ड्रोन अटैक के सामने रूसी सरकार मजबूर दिख रही है. रूस जून महीने में समुद्री रास्ते से तेल आयात करने की तैयारी कर रहा है, ताकि पेट्रोल की कमी से निपटा जा सके.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
दुनिया को तेल बेचने वाला रूस तेल खरीदने को कैसे हुआ मजबूर? (फोटो- NDTV)
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • यूक्रेन के हमलों से तेल रिफाइनरियों को हुए नुकसान के बाद रूस तेल आयात करने पर विचार कर रहा है- रिपोर्ट
  • रूस में पेट्रोल का उत्पादन जून 2025 के औसत दैनिक स्तर की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत कम रहा
  • रूस जून महीने में समुद्री रास्ते से तेल आयात करने की तैयारी कर रहा है, ताकि पेट्रोल की कमी से निपटा जा सके

यूक्रेन के लगातार हमलों का असर अब रूस के पेट्रोल और डीजल बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. कई इलाकों में तेल-गैस की कमी, लंबी कतारें और बढ़ती कीमतों की खबरें आ रही हैं. हालात ऐसे हो गए हैं कि दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश, रूस अब फ्यूल की कमी पूरी करने के लिए विदेशों से पेट्रोल और डीजल मंगाने पर विचार कर रहा है. यह रिपोर्ट न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने छापी है और इसमें बताया गया है कि कैसे यूक्रेन के हमलों के बीच रूस के तेल सूख रहे हैं.

रूस में तेल संकट?

रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को रूसी अखबार वेदोमोस्ती ने दो अज्ञात सूत्रों के हवाले से बताया कि रूस, यूक्रेन के हमलों से तेल रिफाइनरियों को हुए नुकसान के बाद तेल आयात करने पर विचार कर रहा है. पिछले सप्ताह रूस में पेट्रोल का उत्पादन जून 2025 के औसत दैनिक स्तर की तुलना में लगभग 25 प्रतिशत कम रहा. इसके अलावा रॉयटर्स ने बताया है कि LSEG के आंकड़ों और बाजार सूत्रों के अनुसार, जून के पहले आधे महीने में रूस का समुद्री रास्ते से होने वाला तेल उत्पादों का निर्यात मई के पहले आधे महीने की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत कम रहा. इसकी वजह ड्रोन हमलों के बाद रिफाइनरियों में अचानक मरम्मत का काम होना है. 

रिपोर्ट के अनुसार पिछले सप्ताह उद्योग से जुड़े चार सूत्रों ने कहा था कि रूस जून महीने में समुद्री रास्ते से तेल आयात करने की तैयारी कर रहा है, ताकि पेट्रोल की कमी से निपटा जा सके.

यूक्रेन के हमलों से दहला रूस

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी पहली बार यूक्रेन द्वारा नागरिक ढांचे पर किए गए हालिया हमलों पर टिप्पणी की है. इनमें मॉस्को की तेल रिफाइनरी पर हुआ हमला भी शामिल है. पुतिन ने कहा कि ये हमले समाज को अस्थिर करने की कोशिश हैं. उन्होंने सरकार से इन हमलों के असर को कम करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाने की भी अपील की.

रिपोर्ट के अनुसार रूस के कई क्षेत्रों में तेल बेचने पर पाबंदियां, तेल उत्पादों की बढ़ती कीमतें और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं. रूस आमतौर पर कच्चे तेल के साथ-साथ कई तरह के तेल उत्पादों का भी निर्यात करता है यानी दूसरे देशों को बेचता है. लेकिन यूक्रेन के हमलों के कारण उसकी रिफाइनरियों को नुकसान हुआ है, जिससे उसे पेट्रोल और जेट फ्यूल के निर्यात पर रोक लगानी पड़ी है.

Advertisement
वेदोमोस्ती अखबार के अनुसार सोमवार को रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक की अध्यक्षता में हुई बैठक में तेल आयात करने का विकल्प रखा गया. तेल इंडस्ट्री से जुड़े दो सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि आयात किए जाने वाले तेल पर सब्सिडी देने का विचार भी रखा गया. इसका मकसद तेल की कीमतों को कंट्रोल में रखना है. वजह है कि तेल की बढ़ीं कीमतें जनता के लिए संवेदनशील मुद्दा है और महंगाई बढ़ने का कारण भी बन सकती है.

क्रीमिया में कर्फ्यू से हालात

रूस के कंट्रोल वाले क्रीमिया के शहर सेवास्तोपोल ने पहले से ही तेल बेचने पर लिमिट लगाई गई है. अब यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट, दुकानों, कैफे और सड़क की लाइटों को ऑन रखने की टाइमिंग पर भी तमाम तरह की पाबंदियां लगा दी हैं. साथ ही बड़े और खुले तौर पर कार्यक्रमों पर भी रोक लगा दी गई है. इन उपायों के तहत रात 10 बजे के बाद प्राइवेट ट्रांसपोर्ट बंद रहेंगे. बड़े स्टोर और कैफे रात 8 बजे बंद कर दिए जाएंगे. सड़कों की लाइटों की रोशनी भी कम कर दी गई है.

यह भी पढ़ें: यूक्रेन में अब लोग ड्रोन, गोली और टैंक पहन रहे, ज्वैलरी पर जंग का असर

यह भी पढ़ें: चीन ने बनाया सुपरकंप्यूटर का बाप, जानिए किसके पास Top 5 Supercomputer


 

Featured Video Of The Day
न कहना मर्डर से ज्यादा मुश्किल? मंगेतर को खाई में धकेलने वाली 'कातिल मंगेतर' का सच
Topics mentioned in this article
Russia Ukraine War
Russia Oil And Gas
Ukraine Attack Moscow Oil Refinery