पीएम मोदी का इजरायल दौरा क्यों अहम, किन मुद्दों पर होगी बात, पीएम नेतन्याहू ने बता दी जरूरी बात

पीएम नरेंद्र मोदी 25 फरवरी से दो दिवसीय इजरायल दौरे पर जाएंगे. पीएम नेतन्याहू ने इसे अहम बताते हुए कहा कि यात्रा में हाई-टेक, एआई और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी.

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हाई-टेक, एआई और क्वांटम में सहयोग पर भारत और इजरायल में होगी चर्चा
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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी को इजरायल के दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर जाएंगे
  • इजरायली पीएम नेतन्याहू ने इस दौरे को आर्थिक, राजनयिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया
  • पीएम मोदी नेसेट को संबोधित करेंगे, याद वाशेम स्मरण केंद्र जाएंगे और यरूशलम में इनोवेशन इवेंट में भाग लेंगे
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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर बुधवार को इजरायल पहुंचेंगे. उनके इजरायली समकक्ष प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस यात्रा को महत्वपूर्ण बताया है. उनके अनुसार, इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक, राजनयिक और सुरक्षा सहयोग बढ़ेगा. विशेष रूप से हाई-टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्रों पर फोकस रहेगा. नेतन्याहू के अनुसार, ये भारत-इजरायल संबंधों को नई दिशा देगा. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साप्ताहिक कैबिनेट मीटिंग में ये बातें कहीं.

इजरायली पीएम ने पीएम मोदी के दौरे पर क्या कहा

बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “ सहयोग के एक और खास क्षेत्र पर भी मेरा पूरा ध्यान है. हम हाई-टेक, एआई और क्वांटम में सहयोग को आगे बढ़ाएंगे.” तय कार्यक्रमानुसार दोपहर को वो नेसेट (इजरायली संसद) को संबोधित करेंगे, और दोनों नेता याद वाशेम (विश्व होलोकॉस्ट स्मरण केंद्र) जाएंगे और यरुशलम में एक इनोवेशन इवेंट में शामिल होंगे. नेतन्याहू ने भारत के साथ मिलकर चरमपंथ के खिलाफ सशक्त समूह बनाने की बात की. उन्होंने कहा इजरायल “मिडिल ईस्ट के आसपास या अंदर एक पूरा सिस्टम बनाएगा—असल में गठबंधनों का एक तरह का हेक्सागन, जिसमें भारत, ग्रीस, साइप्रस और बिना नाम वाले अरब, अफ्रीकी और एशियाई देशों का नाम शामिल है.

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नेतन्याहू को पीएम मोदी की यात्रा से काफी उम्मीदें

उन्होंने कहा, “यहां मकसद ऐसे देशों की एक धुरी बनाना है जो कट्टरपंथियों की धुरी के उलट, असलियत, चुनौतियों और लक्ष्यों को एक ही तरह से देखें. इन सभी देशों का नजरिया अलग है, और हमारे बीच सहयोग से बहुत अच्छे नतीजे मिल सकते हैं और बेशक, यह हमारी ताकत और हमारे भविष्य को भी पक्का कर सकता है.” नेतन्याहू को पीएम मोदी की यात्रा से काफी उम्मीदें हैं. 15 फरवरी को यरूशलम में बड़े अमेरिकी-यहूदी संगठनों की कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, नेतन्याहू ने कहा था कि दोनों प्रधानमंत्री “हर तरह के सहयोग” पर चर्चा करने वाले हैं.

उन्होंने कहा, “अब भारत कोई छोटा देश नहीं है. यहां 140 करोड़ लोग रहते हैं. भारत बहुत ताकतवर है और बहुत लोकप्रिय भी है.” बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 फरवरी को इजरायल के अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत करेंगे. 9 साल बाद वो इजरायल जा रहे हैं. पहली बार वो 2017 में गए थे तब ये किसी भी भारतीय पीएम की पहली इजरायल यात्रा थी.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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