डायरेक्‍ट फ्लाइट से लेकर कैलाश मानसरोवर तक... तियानजिन में मोदी-जिनपिंग के बीच हुई क्‍या-क्‍या बातें

निर्धारित समय के अनुसार, यह बैठक करीब 40 मिनट तक चलने की संभावना है. दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात रूस के कजान में 2024 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी.

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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं.
  • मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय बैठक तनावपूर्ण संबंध सुधारने की कोशिशों के तहत हो रही है.
  • यह बैठक ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद दोनों नेताओं की दूसरी मुलाकात होगी जो करीब 40 मिनट तक चलेगी.
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तियानजिन:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय चीन के तियानजिन में हैं और यहां पर वह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के लिए आए हैं. चीन के साथ तनावपूर्ण संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के चल रही कोशिशों के बीच, प्रधानमंत्री मोदी चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय मुलाकात कर रहे हैं. निर्धारित समय के अनुसार, यह बैठक करीब 40 मिनट तक चलने की संभावना है. दोनों नेताओं की पिछली मुलाकात रूस के कज़ान में 2024 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान हुई थी. पीएम मोदी सात वर्षों में पहली बार चीन गए हैं. एससीओ सम्‍मेलन 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चलेगा. 

डायरेक्‍ट फ्लाइट फिर से शुरू 

चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपनी द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'पिछले साल कजान में हमारी बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई जिसने हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा दी. सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद, शांति और स्थिरता का माहौल बना है.' सीमा प्रबंधन को लेकर हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच एक समझौता हुआ है. कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है. दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी फिर से शुरू हो रही हैं.' वहीं जिनपिंग ने भी कहा है कि दोनों देश आपसी सहयोग को राजी हो हैं. 

पीएम मोदी ने जताया आभार  

पीएम मोदी ने आगे कहा, 'दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित हमारे सहयोग से जुड़े हैं. इससे पूरी मानवता के कल्याण का मार्ग भी प्रशस्त होगा. हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.' इसके साथ ही पीएम मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की चीन की सफल अध्यक्षता के लिए राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग को बधाई भी दी. साथ ही पीएम मोदी ने चीन आने के निमंत्रण और आज की मुलाकात के लिए जिनपिंग को धन्‍यवाद भी दिया है. 

ट्रंप की टैरिफ टेंशन और मीटिंग  

पीएम मोदी और जिनपिंग की यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है. इन टैरिफ दरों के बाद भारत और अमेरिका के बीच तनाव जारी है और ऐसे में मोदी और शी के बीच हो रही इस मीटिंग को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. मोदी और शी के बीच यह मीटिंग एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर हुई है. न्‍यूज एजेंसी पीटीआई ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया है कि चर्चा के लिए मुद्दों की गुंजाइश को देखते हुए, दोनों ने दिन में बाद में फिर से मिल सकते हैं. दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात अक्टूबर में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई थी.

सोमवार को पुतिन से मीटिंग 

सोमवार को भारत रवाना होने से पहले, प्रधानमंत्री मोदी के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मिलने की उम्मीद है.  एससीओ शिखर सम्मेलन की शुरुआत रविवार को शी जिनपिंग द्वारा आयोजित एक आधिकारिक भोज के साथ होगी. चीन की ओर से आयोजित एससीओ प्लस शिखर सम्मेलन में 20 विदेशी नेता भाग ले रहे हैं. चीन इस वर्ष रूस, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, बेलारूस और चीन वाले 10 सदस्यीय समूह का अध्यक्ष है. 

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