2026 में दुनिया यूनिपोलर से मल्टी-पोलर सिस्टम की ओर बढ़ेगी और ताकत कई ध्रुवों में बंटेगी. भारत, ग्लोबल साउथ और मिडिल ईस्ट वैश्विक राजनीति में ज्यादा निर्णायक भूमिका निभाएंगे. टेक्नोलॉजी, युद्ध और जलवायु, 2026 की नई वैश्विक व्यवस्था तय करेंगे.