पाकिस्तान के बयान पर भड़का इजरायल, यहूदी देश को 'कैंसर' कहने पर दिया करारा जवाब

US-Iran Ceasefire: इजरायल की विदेश नीति में ये बड़ा बदलाव दिखा है. इजरायल सरकार ने पाकिस्तान पर पहली बार सार्वजनिक तौर पर हमला बोला है. इससे पहले भारत में इजरायल के राजदूत ने एनडीटीवी को बताया था कि इजरायल को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है.

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इजरायल ने पाकिस्तान को जमकर सुनाया.
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  • ईरान-US युद्धविराम में मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान को इजरायल ने जमकर लताड़ लगाई है
  • पाकिस्तान को यह लताड़ रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के 'कैंसर' वाले विवादास्पद बयान को लेकर लगाई गई है
  • ख्वाजा आसिफ ने एक पोस्ट में इजरायल की आलोचना करते हुए उसे दुष्ट और मानवता के लिए शाप बताया है
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ईरान-इजरायल युद्धविराम में मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने कुछ ऐसा कर दिया है, जिससे इजरायल बहुत ही खफा है. उसने अब पाक को जमकर लताड़ लगाई है. दरअसल पाकिस्तान हाल ही में दिए उसके बयान को लेकर घिर गया है. पाकिस्तान को यह लताड़ रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के उस विवादास्पद बयान को लेकर लगाई गई है, जिसमें उन्होंने इजरायल को कैंसरग्रस्त' कहा है. 

पाकिस्तान को इजरायल ने क्यों लगाई लताड़?

 ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में वार्ता के पहले पाकिस्तान के बयान ने आग में घी डालने का काम किया है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक पोस्ट में इजरायल की आलोचना करते हुए उसे दुष्ट और मानवता के लिए शाप बताया है. उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तान में वार्ता होने जा रही है, तब इजरायल लेबनान में नरसंहार कर रहा है. पहले गाजा, फिर ईरान और अब लेबनान में निर्दोष लोगों की हत्या की जा रही है. जिन लोगों ने फलस्तीनी भूमि पर कैंसर जैसे इस देश की स्थापना की है, वो इन यहूदियों से मुक्ति के लिए काम करें.

नेतन्याहू ने ख्वाजा आसिफ को जमकर सुनाया

आसिफ के इस बयान पर इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाक का इजरायल को लेकर विनाश की बात कहना  निंदनीय है. यह बयान बर्दाश्त करने लायक नहीं है, खासकर उस सरकार से जो खुद को शांति का निष्पक्ष मध्यस्थ बताती है. वहीं ईरान की सरकारी मीडिया एजेंसी तसनीम न्यूज एजेंसी ने कहा कि पाकिस्तान में वार्ता तब तक स्थगित रहेगी जब तक इजरायल लेबनान में सैन्य हमले बंद नहीं कर देता. 

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इजरायल को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं

बता दें कि इजरायल की विदेश नीति में ये बड़ा बदलाव दिखा है. इजरायल सरकार ने पाकिस्तान पर पहली बार सार्वजनिक तौर पर हमला बोला है. इससे पहले भारत में इजरायल के राजदूत ने एनडीटीवी को बताया था कि इजरायल को पाकिस्तान पर भरोसा नहीं है. वह गाजा में ट्रंप के अंतरराष्ट्रीय स्थिरता बल में पाकिस्तानी सेना को शामिल होने की अनुमति नहीं देगा.

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अमेरिका-ईरान सीजफायर में मध्यस्थता कर रहा पाकिस्तान

बता दें कि पाकिस्तान ईरान-अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीजफायर की मध्यस्थता में अहम भूमिका निभा रहा है. दोनों पक्षों के बीच इस्लामाबाद में बातचीत चल रही है. पाक इसे ऐतिहासिक कूटनीतिक सफलता बता रहा है. पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ पाकिस्तान को “विश्वसनीय मध्यस्थ” कह रहे हैं. हालांकि इजरायल कह रहा है कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री इजरायल के अस्तित्व को ही चुनौती दे रहे हैं, ऐसे में उसकी मध्यस्थता की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं. इजरायल ने पहले ही साफ कर दिया है कि सीजफायर डील में लेबनान शामिल नहीं है. वह हिज्बुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखेगा. 
 

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