- पाकिस्तानी PM शहबाज शरीफ सऊदी अरब, कतर और तुर्की के तीन देशों के दौरे पर हैं और कतर के अमीर से मिले
- कतर वायु सेना ने शहबाज के विमान को सुरक्षा के लिए लड़ाकू विमानों के साथ कतर के हवाई क्षेत्र में प्रवेश कराया
- दोनों नेताओं ने खाड़ी क्षेत्र में शांति, रक्षा और ऊर्जा सहयोग को बढ़ावा देने और तनाव कम करने पर चर्चा की
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तीन देशों, सऊदी अरब, कतर और तुर्किए, के दौरे पर हैं. उन्होंने आज कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात की. इस यात्रा के दौरान कतर वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने शहबाज शरीफ के विमान को सुरक्षा घेरे में लेकर हवाई क्षेत्र में प्रवेश कराया. दोनों नेताओं ने खाड़ी क्षेत्र में शांति, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया. पीएम शहबाज के दौरे के बीच सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर की मदद दी है.
कतर दौरे पर क्या बोले शहबाज?
इस बीच शहबाज शरीफ ने एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि आज दोहा में मेरे प्यारे भाई, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी के साथ मुलाकात हुई. मैंने पाकिस्तान की जनता की ओर से अमीर का धन्यवाद किया, जिसके तहत उन्होंने हमारे विमान के कतर के हवाई क्षेत्र में प्रवेश करते ही उसकी सुरक्षा के लिए कतर के लड़ाकू विमान भेजे. हमने बदलती क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की, विशेष रूप से खाड़ी क्षेत्र में और शांति व स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए तनाव कम करने, बातचीत और घनिष्ठ अंतर्राष्ट्रीय समन्वय के महत्व पर जोर दिया. मैंने कतर और क्षेत्र के अन्य देशों को निशाना बनाने वाले हमलों की पाकिस्तान की ओर से कड़ी निंदा को दोहराया, और क़तर के भाईचारे वाले लोगों के प्रति अपनी पूर्ण एकजुटता व्यक्त की.
I had a most warm and cordial meeting with my dear brother, Amir of Qatar His Highness Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani, in Doha today.
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) April 16, 2026
I thanked His Highness the Amir on behalf of the people of Pakistan for the exceptionally warm and generous gesture of sending Qatar's fighter…
सऊदी अरब से मिले 2 अरब डॉलर
पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने गुरुवार को पुष्टि की है कि पाकिस्तान को सऊदी अरब से 2 अरब डॉलर मिले हैं. सेंट्रल बैंक ने कहा कि राशि 15 अप्रैल 2026 की वैल्यू डेट में मिली थी. यह डेवलपमेंट ऐसे समय में हुआ है, जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मिडिल ईस्ट में शांति को बढ़ावा देने और डिप्लोमैटिक कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए सऊदी अरब गए हैं.
पाकिस्तान के आर्थिक हालात बहुत बुरे हो चुके हैं, देश में महंगाई अपनी सीमा पार कर चुकी है. पाकिस्तान के ऊपर विदेशी कर्ज बहुत ज्यादा है और यह पहले से ही बढ़ती ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों और मिडिल ईस्ट में तनाव से जुड़े आर्थिक असर से दबाव में है. डॉन ने आधिकारिक आंकड़ों के हवाले से बताया कि 27 मार्च तक पाकिस्तान का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व 16.4 बिलियन डॉलर था, जो करीब तीन महीने के इंपोर्ट को कवर करने के लिए काफी है. हालांकि, यूएई से रीपेमेंट की जरूरत ने देश की अर्थव्यवस्था पर नया दबाव डाल दिया है.













