पाकिस्तान की चिंता है कि खत्म नहीं होती, अब भारत-कनाडा को लेकर हुआ चिंतित

ताहिर अंद्राबी ने कहा कि चुनिंदा अपवाद वैश्विक परमाणु अप्रसार ढांचे की विश्वसनीयता को कमजोर करते हैं और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को और अधिक अस्थिर कर सकते हैं.

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शहबाज शरीफ अपने देश की बजाए भारत को लेकर ज्यादा तनाव में हैं.
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  • पाकिस्तान ने भारत और कनाडा के बीच यूरेनियम आपूर्ति और परमाणु तकनीकी सहयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की है
  • पाकिस्तान का कहना है कि परमाणु सहयोग में गैर-भेदभावपूर्ण और सभी देशों पर समान मानदंड लागू होने चाहिए
  • कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और शासन की प्रशंसा की है
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पाकिस्तान ने कनाडा और भारत के बीच यूरेनियम आपूर्ति समझौते के साथ-साथ दोनों देशों के बीच छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों और एडवांस परमाणु टेक्नोलॉजी पर संभावित सहयोग को लेकर चिंता जताई है. पाकिस्तानी मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान का मानना ​​है कि नागरिक परमाणु सहयोग में गैर-भेदभावपूर्ण और मानदंड-आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए, जो परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर हस्ताक्षर नहीं करने वाले देशों पर भी समान रूप से लागू हो.

शांति की दे रहा दुहाई

ताहिर अंद्राबी ने कहा कि चुनिंदा अपवाद वैश्विक परमाणु अप्रसार ढांचे की विश्वसनीयता को कमजोर करते हैं और क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को और अधिक अस्थिर कर सकते हैं. प्रवक्ता ने बताया कि यह व्यवस्था नागरिक परमाणु सहयोग में एक और देश-विशिष्ट अपवाद का प्रतिनिधित्व करती है. उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत के 1974 के परमाणु परीक्षण में कनाडा द्वारा शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए आपूर्ति किए गए रिएक्टर में उत्पादित प्लूटोनियम का उपयोग किया गया था. इसी के बाद परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह का गठन हुआ.

ये वही पाकिस्तान है, जिस पर उत्तर कोरिया को अपने परमाणु हथियार बेचने के आरोप लगते रहे हैं. अमेरिका से लेकर हर देश पाकिस्तान के परमाणु हथियारों को लेकर सतर्क रहते हैं. मगर पाकिस्तान को इस सब की चिंता नहीं रहती है. उसे केवल भारत की चिंता रहती है. भारत में कौन आया, भारत ने किससे समझौता किया और भारत क्या करने वाला है, इसी को लेकर पाकिस्तान के हुक्मरान चिंतित रहते हैं.

कनाडा के पीएम ने की तारीफ 

वहीं आज ही कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गवर्नेंस रिकॉर्ड की सराहना की है. कनाडाई प्रधानमंत्री ने लगातार काम करने के तरीके और आम लोगों तक पहुंचाने पर पीएम मोदी के फोकस को हाईलाइट किया. साथ ही, उन्होंने ओटावा और नई दिल्ली के बीच संबंधों को और गहरा करने की कोशिश का भी इशारा किया है. ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में लोवी इंस्टीट्यूट थिंक-टैंक में पीएम कार्नी ने प्रधानमंत्री मोदी को एक अनोखा और बहुत अनुशासित नेता बताया. कार्नी ने कहा, “देखिए वह आदमी अनोखा है। मैं कहूंगा, आप जानते हैं, 25 साल हो गए हैं और उन्होंने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली. 25 साल लगातार गुजरात में मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के तौर पर एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली है.”

भारत की साख

कार्नी ने बताया कि कनाडा को नई तकनीक और रणनीतिक क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग की काफी संभावना है. एआई के पास कई ऐसे पहलू हैं, जहां हम भारत के साथ सहयोग करेंगे, कुछ हद तक इसलिए क्योंकि हमें एआई में लचीलापन लाने की जरूरत है.  उन्होंने यह भी माना कि दोनों देशों के बीच संबंधों में गंभीर चुनौतियां आई हैं लेकिन दोनों सरकारें साझेदारी को फिर से बनाने के लिए काम कर रही हैं. जाहिर है, दुनिया भारत के साथ रिश्ते बनाने में लगी है और पाकिस्तान हमेशा की तरह चिंता में है.

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