पाकिस्तान में चल रहा आतंक का 'डिजिटल' खेल, मसूद अजहर का बेटा बना टेरर फंडिंग का नया मास्टरमाइंड

चिंताजनक बात ये है कि पैसा इकट्ठा करने के इस डिजिटल खेल में आतंकी मसूद अजहर का बेटा और भाई खुद कमान संभाले हुए हैं. हमास का सीनियर कमांडर नाजी जहीर भी पाकिस्तान में एक्टिव है.

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  • पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा गाजा संकट का फायदा उठाकर अपनी ताकत बढ़ा रहे हैं
  • मसूद अजहर का बेटा हम्माद अजहर और भाई तल्हा अल सैफ गाजा राहत के नाम पर चंदा इकट्ठा करने की अगुवाई कर रहे हैं
  • हमास का सीनियर कमांडर नाजी जहीर भी पाकिस्तान में लश्कर के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग ले रहा है
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पाकिस्तान के आतंकी संगठन एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की आंखों में धूल झोंकने की तैयारी कर रहे हैं. हालिया रिपोर्ट्स में खुलासा किया है कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन गाजा संकट का फायदा उठाकर खुद को मजबूत कर रहे हैं.  ये संगठन गाजा राहत के नाम पर चंदा जुटा रहे हैं. चिंताजनक बात ये है कि इस खेल में आतंकी मसूद अजहर का बेटा और भाई खुद कमान संभाले हुए हैं. हमास का सीनियर कमांडर नाजी जहीर भी लश्कर के मुखौटा संगठन के कार्यक्रमों में शामिल हो रहा है. 

वैश्विक संगठनों से बचने की नई चाल

थिंक टैंक जियोपॉलिटिको की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन और हमास मिलकर फंडिंग के नए हथकंडे अपना रहे हैं. ये एफएटीएफ जैसे अंतरराष्ट्रीय निगरानी संगठनों के रडार पर आने से बचने के लिए बैंक अकाउंट्स के बजाय सीधे डिजिटल वॉलेट्स में पैसा इकट्ठा कर रहे हैं. इसके लिए वो ईज़ीपैसा, क्रिप्टोकरेंसी और अन्य डिजिटल वॉलेट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं.  

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मसूद का बेटा और भाई जुटा रहे चंदा

जियोपॉलिटिको ने रिपोर्टों के हवाले से बताया है कि लश्कर आतंकी मसूद अजहर का बेटा हम्माद अजहर और भाई तल्हा अल सैफ गाजा राहत के नाम पर चंदा जुटाने के मिशन की अगुआई कर रहे हैं. ये पैसा धार्मिक कार्यों, 300 से अधिक मस्जिदों को फिर से बनाने, नमाज की चटाइयों खरीदने और अन्य सुविधाएं तैयार करने के नाम पर इकट्ठा किया जा रहा है. 

गाजा राहत के नाम पर इकट्ठा हो रहा पैसा

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैसे तो ये आतंकी संगठन 90 के दशक से ही खाड़ी देशों और पश्चिमी देशों में बसे पाकिस्तानी प्रवासियों की मदद से फर्जी चैरिटी संगठनों के जरिए चंदा इकट्ठा करते रहे हैं. लेकिन 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुए इजरायल-हमास युद्ध ने इन्हें नया मौका दे दिया है. राहत कार्यों के नाम पर आने वाले पैसे का बड़ा हिस्सा जम्मू-कश्मीर को अस्थिर करने और भारत में आतंकी साजिशें रचने में खर्च किया जाता रहा है.

हमास का सीनियर कमांडर भी कर रहा मदद

इतना ही नहीं, हमास के नेता लश्कर और जैश जैसे आतंकी संगठनों के साथ मिलकर पाकिस्तान में एक्टिव हो रहे हैं. हाल ही में आए एक वीडियो में हमास का सीनियर कमांडर नाजी जहीर, लश्कर के मुखौटा राजनीतिक संगठन पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के मंच पर नजर आया था. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में हुए इस कार्यक्रम में कट्टरपंथी नारे लगाए गए और भारत के खिलाफ जहर उगला गया. इस नए गठजोड़ में सुरक्षा विशेषज्ञों में नई चिंता पैदा कर दी है. वो इसे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए नए खतरे की तरह देख रहे हैं. 

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