पाकिस्तान से 50 साल बाद फिर शुरू होगा शराब का निर्यात, अंग्रेजों ने बनाई थी कंपनी- भुट्टो ने लगाया था बैन

Pakistan resumes Alcohol Export: शराब 1977 तक पाकिस्तान के सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध थी, लेकिन फिर तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने इस्लामी दलों के दबाव में इस पर प्रतिबंध लगा दिया.

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पाकिस्तान की एकमात्र स्थानीय स्वामित्व वाली शराब कंपनी- मरी ब्रुअरी से होगा निर्यात
एएफपी

पाकिस्तान की एकमात्र स्थानीय स्वामित्व वाली शराब कंपनी ने लगभग पांच दशक बाद शराब का निर्यात फिर से शुरू कर दिया है. यह उत्पाद देश की अधिकतर मुस्लिम आबादी के लिए अब भी बैन है. मरी ब्रुअरी ने अपनी बीयर और अन्य मादक पेयों का निर्यात उन देशों को शुरू किया है जो इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) का हिस्सा नहीं हैं. OIC 57 देशों का समूह है जहां बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी रहती है. कंपनी के निर्यात प्रबंधक रमीज शाह ने ‘पीटीआई-भाषा' से फोन पर बातचीत में बताया कि अप्रैल में ब्रिटेन, जापान, पुर्तगाल और थाईलैंड जैसे देशों को मादक पेयों का निर्यात किया गया.

पिछले कई सालों से मरी ब्रुअरी गैर-मादक पेय पदार्थों का निर्यात कर रही है जिनमें पैकेज्ड जूस, मिनरल वॉटर और फलों के स्वाद वाले माल्ट जैसे उत्पाद शामिल हैं. शाह ने बताया कि वर्ष 2025 में कंपनी को पाकिस्तान सरकार से मादक पेयों के निर्यात की मंजूरी मिली थी.

मरी ब्रुअरी की स्थापना 1860 के दशक में ब्रिटिश उद्यमियों एडवर्ड डायर और एडवर्ड व्हिम्पर ने मरी नामक हिल स्टेशन (अब पाकिस्तान में) में की थी ताकि ब्रिटिश सैनिकों के लिए बीयर की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके. बाद में 1947 में ब्रिटिश भारत के विभाजन से पहले इसे एक पारसी परिवार ने खरीद लिया. कंपनी के वर्तमान प्रमुख इस्फनयार भंडारा हैं जो पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के सदस्य भी हैं.

गौरतलब है कि भंडारा ने निर्यात लाइसेंस के लिए काफी प्रयास किए. पाकिस्तान सरकार ने 2021 में बलूचिस्तान प्रांत में चीन द्वारा संचालित ब्रुअरी और डिस्टिलरी को मादक पेयों के उत्पादन की अनुमति दी थी, ताकि विभिन्न परियोजनाओं पर काम कर रहे हजारों चीनी नागरिकों की जरूरतों को पूरा किया जा सके, चाहे वे निजी परियोजनाएं हों या चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का हिस्सा.

50 साल पहले पाकिस्तान में शराब थी लीगल

शराब 1977 तक पाकिस्तान के सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध थी, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भुट्टो ने इस्लामी दलों के दबाव में इस पर प्रतिबंध लगा दिया. इस प्रतिबंध से मरी ब्रुअरी को बड़ा झटका लगा. इसके बाद कंपनी केवल पाकिस्तान में रहने वाले गैर-मुस्लिम नागरिकों और विदेश से आने वाले लोगों को ही आपूर्ति कर सकती थी, जो सरकार द्वारा पंजीकृत दुकानों से खरीद सकते हैं और केवल निर्धारित स्थानों पर ही इसका सेवन कर सकते हैं.

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शाह ने बताया कि प्रतिबंध से पहले मरी ब्रुअरी भारत, अफगानिस्तान और अमेरिका सहित कई देशों को अपने मादक पेयों का निर्यात करती थी. निर्यात की अनुमति मिलने के बाद अब मरी ब्रुअरी अन्य देशों में अपने वितरकों के साथ काम कर रही है, जो पहले उसके गैर-मादक उत्पादों का व्यापार करते थे. शाह ने कहा कि योजना पहले एक नेटवर्क स्थापित करने की है, जिसके बाद उत्पादन बढ़ाया जाएगा.

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्ष में कंपनी ने गैर-मादक पेयों से एक बड़ा राजस्व स्रोत तैयार किया है. पिछले वित्त वर्ष में कंपनी ने 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर की आय दर्ज की. अब कंपनी विदेशी मुद्रा अर्जित करने की उम्मीद कर रही है और उसका ध्यान संयुक्त उपक्रमों एवं नए बाजारों की तलाश करने पर है.

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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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