बातचीत चाहता है PAK, राष्ट्रपति जरदारी ने भारत से लगाई गुहार, क्षेत्रीय सुरक्षा की दे रहे दुहाई

भारत-पाकिस्तान संबंध अप्रैल में तब तनावपूर्ण हो गए थे जब पहलगाम में पर्यटकों की मौत की घटना के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर पर बदला लिया था. तब से अब तक हालात तनावपूर्ण हैं. ऐसे में अब पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने भारत से गुजारिश की है कि टकराव और सैन्य माहौल से हटकर सार्थक बातचीत की दिशा में कदम बढ़ाना ही क्षेत्रीय सुरक्षा का एकमात्र रास्ता है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत से बातचीत की अपील की है.
  • भारत का साफ रुख रहा है कि आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई के बिना कोई बातचीत संभव नहीं है.
  • पाकिस्तान इन दिनों कई मोर्चों पर जूझ रहा है, जिसमें अफगानिस्तान, बलूचिस्तान और ईरान के साथ तनाव शामिल हैं.
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनावों के बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत से कहा है कि टकराव और सैन्य माहौल से हटकर सार्थक बातचीत की दिशा में कदम बढ़ाना ही क्षेत्रीय सुरक्षा का एकमात्र रास्ता है.

यह बयान उस समय आया है जब पिछले साल हुए कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने दोनों देशों के बीच अविश्वास को और गहरा कर दिया था. पाकिस्तान संग रिश्तों पर नई दिल्ली का रुख साफ रहा है कि आतंक और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते. हर बार हमले के बाद शांति की अपील, और फिर सीमा पार से घुसपैठ या आतंकी वारदात पाकिस्तान की पुरानी आदत रही है. और पाक की इसी आदत का विरोध भारत अक्सर करता रहा है. 

यह भी पढ़ें- दगाबाज निकला पाकिस्तान? ईरान पर हमले में एयरबेस देने का दावा, शहबाज-मुनीर पर भारी संकट

खेल के मैदान पर भी PAK से कोई यारी नहीं

इतना ही नहीं भारत-पाक रिश्तों में आई कड़वाहट सिर्फ कूटनीति या जंग के मैदान तक सीमित नहीं रही. उसकी गूंज क्रिकेट के मैदान पर भी सुनाई देती रहती है. मुकाबला चाहे बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय हो या किसी मल्टी-नेशन टूर्नामेंट का, खिलाड़ियों की बॉडी लैंग्वेज से लेकर दर्शकों के नारों तक, हर फ्रेम में तनाव साफ झलकता रहा है. एशिया कप में भारत का PAK खिलाड़ियों से हाथ न मिलाना और वर्ल्ड कप के लिए PAK खिलाड़ियों का भारत न आना... दोनों देशों के रिश्ते की तल्खी को साफ झलकाता है. 

जरदारी की टाइमिंग पर सवाल

जरदारी का यह बयान कूटनीतिक तौर पर सधे शब्दों में है, लेकिन इसकी टाइमिंग पर सवाल उठ रहे हैं. पहलगाम हमले के इतने वक्त बाद भी भारत में जनभावना बेहद आक्रोशित है. सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार आतंकी नेटवर्क की भूमिका की जांच लगातार करती रहती हैं. भारत पहले भी कह चुका है कि अगर पाकिस्तान वास्तव में बातचीत चाहता है, तो उसे अपनी धरती पर पल रहे आतंकी ढांचे के खिलाफ ठोस और दिखाई देने वाली कार्रवाई करनी होगी.

यह भी पढ़ें- ईरान पर इजरायल-अमेरिका का हमला, पाकिस्तानियों पर टूटा कहर 

पहले से ही कई मोर्चों पर घिरा है पाकिस्तान

इसका एक पहलू यह भी है कि पाकिस्तान इस वक्त कई मोर्चों पर जंग लड़ रहा है. एक ओर अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जंग चल रही है. तो वहीं आए दिन बलूच लड़ाके भी पाकिस्तान को टारगेट करते ही रहते हैं. इन सबके बीच एक नई चिंता ईरान ने भी बड़ा दी है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर हुसैन नेताज ने दावा किया है कि अमेरिका ने ईरान पर हमलों के लिए पाकिस्तानी एयरबेस का इस्तेमाल किया. नेताज ने चेतावनी दी है कि अगर यह साबित हुआ तो पाकिस्तान को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.

ऐसे में पाकिस्तान का भारत को बातचीत की मेज पर बुलाना उसकी मजबूरी है. इससे साफ होता है कि पाकिस्तान ऐसे में एक और मोर्चे पर तनाव लेने में सक्षम नहीं है. 

Advertisement
Featured Video Of The Day
Iran Israel War: ईरान में America के फिक्स किए 9 टारगेट, लगातार कर रहा बमबारी | Trump | Netanyahu
Topics mentioned in this article