स्कॉटलैंड के तट पर ‘परमाणु रिसाव’ से हड़कंप, क्या ब्रिटिश नेवी ने दबाया सच?

रिपोर्ट के अनुसार, रेडियोएक्टिव पानी का रिसाव तकनीकी खराबी और रखरखाव में चूक के कारण हुआ. नौसेना ने इस मामले को शुरू में दबाने की कोशिश की, लेकिन पर्यावरण एक्टिविस्ट और स्थानीय लोगों के दबाव के बाद सच सामने आया.

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  • ब्रिटेन की रॉयल नेवी ने स्कॉटलैंड के फासलेन परमाणु बेस से रेडियोएक्टिव पानी का रिसाव हुआ है
  • रेडियोएक्टिव रिसाव तकनीकी खराबी और रखरखाव की चूक के कारण हुआ था, जिसे नौसेना ने पहले छुपाने की कोशिश की
  • रिसाव से समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचने की आशंका है
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नई दिल्ली:

ब्रिटेन की रॉयल नेवी से जुड़ा एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने पर्यावरण और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटिश नौसेना ने अपने परमाणु बम बेस से रेडियोएक्टिव पानी समुद्र में रिसने दिया. यह घटना स्कॉटलैंड के फासलेन नेवल बेस की है, जहां ट्राइडेंट परमाणु पनडुब्बियों का संचालन होता है.

रिपोर्ट के अनुसार, रेडियोएक्टिव पानी का रिसाव तकनीकी खराबी और रखरखाव में चूक के कारण हुआ. नौसेना ने इस मामले को शुरू में दबाने की कोशिश की, लेकिन पर्यावरण एक्टिविस्ट और स्थानीय लोगों के दबाव के बाद सच सामने आया. विशेषज्ञों का कहना है कि रेडियोएक्टिव कचरे का रिसाव समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को लंबे समय तक नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे मछलियों और अन्य समुद्री जीवों पर असर पड़ सकता है. साथ ही, यह स्थानीय मछुआरों की आजीविका के लिए भी खतरा बन सकता है. 

ब्रिटेन की सरकार और रक्षा मंत्रालय ने इस घटना पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन पर्यावरण संगठनों ने तत्काल जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है. स्कॉटलैंड के सांसदों ने भी इस मामले को संसद में उठाने की बात कही है.  

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