नेपाल में अब एक नहीं दो दिन रहेगी छुट्टी, पेट्रोल-डीजल की कमी के बाद बालेन सरकार का बड़ा फैसला

नेपाल सरकार ने हफ्ते में दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी करने का फैसला किया. यह फैसला पश्चिम एशिया में लंबे समय से चल रहे संघर्ष से जुड़े मौजूदा ईंधन संकट के जवाब में लिया गया है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • नेपाल सरकार ने ईंधन संकट के कारण शनिवार और रविवार को दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी लागू करने का फैसला लिया है
  • सरकारी दफ्तर और शिक्षण संस्थान छह अप्रैल से वीकेंड पर बंद रहेंगे, कामकाज का समय सुबह 9 से शाम 5 होगा
  • नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन ने पेट्रोल की कीमत 202 नेपाली रुपये प्रति लीटर और डीजल की 182 रुपये प्रति लीटर कर दी है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

मिडिल ईस्ट में जारी जंग से जुड़े ईंधन संकट के बीच नेपाल सरकार ने बड़ा फैसला किया है. नेपाल में अब दो दिन की सार्वजनिक छुट्टी का ऐलान किया गया है. देश में रविवार के साथ शनिवार को भी स्कूल, कॉलेजों से लेकर दफ्तर बंद रहेंगे. हाल ही में चुने गए प्रधानमंत्री बालेन शाह ने  मंत्रिपरिषद की बैठक के दौरान यह फैसला किया.

अगले हफ्ते से नया शेड्यूल होगा लागू

सरकारी प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने बताया कि सरकारी दफ्तर और सभी शिक्षण संस्थान 6 अप्रैल से नए वीकेंड शेड्यूल का पालन करेंगे, ताकि पेट्रोलियम की सप्लाई में मदद मिल सके. पोखरेल ने कहा कि दो दिन दफ्तर और स्कूल बंद करने का कदम पेट्रोलियम की सप्लाई में हो रही लगातार रुकावटों के कारण उठाया गया है. उन्होंने आगे कहा कि सरकारी दफ्तर अब काम के दिनों में सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक खुलेंगे.

तेल की कमी के चलते लिया फैसला

मंत्रिमंडल ने पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने में मदद के लिए जरूरी कानूनी ढांचा तैयार करने का भी फैसला किया है. प्रवक्ता के अनुसार, यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के कारण ईंधन की सप्लाई लगातार अनिश्चित होती जा रही है. सरकार का मानना ​​है कि पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने को बढ़ावा देने से ईंधन की संभावित कमी से निपटने में मदद मिल सकती है और साथ ही देश को ग्रीन ट्रांसपोर्ट की ओर ले जाने में भी सहायता मिलेगी.

202 रुपये प्रति लीटर तक पहुंची पेट्रोल की कीमत

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष ने वैश्विक पेट्रोलियम सप्लाई को बाधित कर दिया है, जिससे नेपाल में ईंधन की कमी हो गई है और कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है. नेपाल में पेट्रोलियम की कीमतें अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं. सरकारी स्वामित्व वाली 'नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन' (NOC) द्वारा हाल ही में की गई कीमतों में बढ़ोतरी के बाद काठमांडू घाटी में पेट्रोल की कीमत 202 नेपाली रुपये प्रति लीटर हो गई है. डीजल और केरोसिन की कीमतें भी बढ़कर 182 नेपाली रुपये प्रति लीटर हो गई हैं.

Advertisement

यह फैसला पिछले हफ्ते NOC के निदेशक मंडल की बैठक के बाद लिया गया, जिसमें पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की कीमतों में 15 नेपाली रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई थी. यह सिर्फ 18 दिनों में कीमतों में तीसरी बढ़ोतरी है. इससे पहले 15 मार्च और 25 मार्च को भी कीमतें बढ़ाई गई थीं. नेपाल में पेट्रोल की कीमतें अब जून 2022 में बने पिछले रिकॉर्ड को भी पार कर गई हैं. उस समय पेट्रोल की कीमत 199 नेपाली रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 192 नेपाली रुपये प्रति लीटर थी. सालों तक उतार-चढ़ाव के बाद, जनवरी 2026 में पेट्रोल की कीमतें गिरकर NPR 156 प्रति लीटर और डीज़ल की कीमतें NPR 137 प्रति लीटर हो गई थीं. इससे पहले रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान कीमतें तेजी से बढ़ी थीं.

(ANI के इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें: ईरान में फंसे पायलट को बचाने के चक्कर में अमेरिका ने गंवा दिए दो हजार करोड़ के विमान

Advertisement
Featured Video Of The Day
Bharat Ki Baat Batata Hoon | Iran Israel War: जंग में Donald Trump के 7 विमान तबाह हुए? | Iran War
Topics mentioned in this article