- नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ ने चीन-नेपाल सीमा पर इमिग्रेशन कार्यालय को पूरी तरह तबाह कर दिया है.
- बाढ़ के कारण कम से कम सोलह लोगों की मौत हुई है और चार सौ से अधिक लोग अभी भी लापता हैं.
- सीमावर्ती इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और सड़कों का संपर्क टूट गया है.
नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ ने ऐसी तबाही मचाई है जो दशकों में पहली बार देखा गया है. इस बीच एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें देखा जा रहा है कि नदी के किनारे चीन-नेपाल बॉर्डर पर चीन का इमिग्रेशन ऑफिस चंद सेकेंड में बह गया. इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वहां सैंकड़ों लोग मौजूद थे.
रसुवा जिले से होकर गुजरने वाली उफनती नदी के रौद्र रूप ने सीमा पार चीन के क्षेत्र में बने इमिग्रेशन कार्यालय को ताश के पत्तों की तरह ढहा दिया. इमारत के गिरते ही पानी का तेज बहाव उसे पलक झपकते ही बहा ले गया. तबाही का यह मंजर देखकर वहां मौजूद सैकड़ों लोगों में हड़कंप मच गया और वे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो आपदा की गंभीरता को बयां कर रहा है. नेपाल और चीन के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग इस तबाही से खौफ में हैं. लगातार हो रही बारिश को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है और लोगों को नदी-नालों से दूर सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
नेपाल में कैसे हैं हालात?
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में इस समय प्रकृति का भीषण कोप देखने को मिल रहा है. अचानक आए इस बाढ़ में कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 400 से ज्यादा लोग आधिकारिक तौर पर लापता है. जगह-जगह हो रहे भूस्खलन और नदियों में आई बाढ़ से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है. सड़कों का संपर्क टूट गया है और सीमावर्ती इलाकों में व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह ठप पड़ गई हैं. रसुवागढ़ी सीमा पर स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है, जहां दोनों देशों के अधिकारी राहत और बचाव कार्यों में जुटे हैं.
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