नेपाल के रसुवा जिले में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. भोटे कोशी और त्रिशूली नदी में अचानक आए भीषण जलप्रवाह के कारण अब तक करीब 160 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 133 भारतीय समेत 750 से अधिक लापता हैं. लापता लोगों में कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु, पर्यटक और विभिन्न राज्यों के नागरिक शामिल हैं. सबसे अधिक चिंता तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को लेकर है, जिनमें क्रमशः 37 और 32 लोगों का अब तक पता नहीं चल पाया है. बाढ़ से संचार व्यवस्था और सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे राहत एवं बचाव कार्यों में दिक्कतें आ रही हैं. भारतीय दूतावास के साथ-साथ कई राज्य सरकारों ने हेल्पलाइन नंबर जारी कर प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है.
कैसे आयी बाढ़?
इस भीषण बाढ़ से शहरों और गांवों में तबाही हुई, कई महत्वपूर्ण पुल बह गए और कम से कम एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गईं. नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने संसद को बताया कि बुधवार 26 अगस्त को स्थानीय समयानुसार सुबह 8:37 बजे तिब्बत इलाके में भूकंप आया और उसके तीन मिनट बाद अचानक बाढ़ आने की खबर मिली, जिससे पता चलता है कि भूकंप के झटकों की वजह से हिमनद फटा होगा और उसी से बाढ़ आई होगी. अधिकारियों ने बताया कि भोटे कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा, जिससे तिब्बत से लगे रसुवा और धादिंग जिले प्रभावित हुए.
इसके बाद बाढ़ का पानी नदी के रास्ते नुवाकोट, चितवन, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी पूर्व जैसे अन्य जिलों में फैल गया तथा राजधानी काठमांडू से लगभग 70 से 200 किलोमीटर दूर तक के इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया.
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कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थे कम से कम 59 भारतीय
टूर ऑपरेटर सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स के अनुसार, लापता भारतीयों में कम से कम 59 श्रद्धालु कैलाश मानसरोवर यात्रा पर थे. हालांकि नेपाल में संचार व्यवस्था प्रभावित होने के कारण भारतीय नागरिकों की स्थिति को लेकर पूरी जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है.
तमिलनाडु: 37 पर्यटक अब भी लापता
तमिलनाडु सरकार के अधिकारियों के अनुसार, राज्य के 57 पर्यटकों में से 37 का अब तक पता नहीं चल पाया है, जबकि 20 लोगों की सुरक्षा की पुष्टि हो चुकी है. बताया गया है कि ये पर्यटक हिमालय क्षेत्र में स्थित एक मंदिर की यात्रा पर थे. कोयंबटूर स्थित गैर-लाभकारी संस्था ईशा फाउंडेशन ने दावा किया है कि उसके 77 सदस्य, जो एक इमिग्रेशन केंद्र में मौजूद थे, लापता हैं.
नेपाल सरकार ने बाद में कहा कि संबंधित इमिग्रेशन केंद्र का पूरा स्टाफ फिलहाल संपर्क से बाहर है.
पश्चिम बंगाल: कोलकाता के 32 यात्री लापता
कोलकाता से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए 32 लोगों का एक दल भी लापता बताया जा रहा है. इस दल में 30 पर्यटक और दो टूर मैनेजर शामिल थे. यह समूह 21 अगस्त को कोलकाता से रवाना हुआ था और अगले दिन नेपाल पहुंचा था. बुधवार सुबह यह दल तिब्बत में प्रवेश करने के लिए रसुवागढ़ी पहुंचा था. समूह के सदस्य सुबह करीब 8:30 बजे इमिग्रेशन कार्यालय में मौजूद थे, तभी नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में फ्लैश फ्लड आ गई. एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, 'फ्लैश फ्लड के बाद से 32 सदस्यों में से किसी से भी संपर्क नहीं हो पाया है.' इसके अलावा हुगली जिले के चंदननगर और उत्तर 24 परगना जिले के बारासात के कुछ लोग भी नेपाल में फंसे या लापता बताए जा रहे हैं. पश्चिम बंगाल सरकार ने कोलकाता में राज्य पुलिस मुख्यालय में हेल्पलाइन शुरू की है. हेल्पलाइन नंबर: (033) 24793311, 9147890181 है.
उत्तर प्रदेश: कई लोगों के फंसे होने की आशंका
उत्तर प्रदेश के कई लोगों के नेपाल में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत, जो अपने सहयोगियों के साथ सड़क मार्ग से नेपाल गए थे, पोखरा में फंस गए हैं. वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, 'हम कल विमान से काठमांडू पहुंचेंगे और वहां से दिल्ली जाएंगे. मौजूदा स्थिति में सड़क मार्ग से लौटना संभव नहीं है, इसलिए वाहन वहीं छोड़ने पड़ेंगे.' उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि यदि राज्य का कोई व्यक्ति नेपाल में फंसा है या सहायता चाहता है तो उसके परिजन तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क करें.
महाराष्ट्र: सात पर्यटक फंसे
महाराष्ट्र के सात पर्यटक नेपाल में फंसे हुए हैं. अधिकारियों के अनुसार इनमें से चार लोगों से संपर्क स्थापित हो चुका है और वे सुरक्षित हैं. इनमें मुंबई और पुणे के दो-दो लोग शामिल हैं. बाकी तीन लोगों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं. महाराष्ट्र सरकार ने मंत्रालय में 24 घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित किया है. हेल्पलाइन: 1070, +91-9321587143 Email: controlroom@maharashtra.gov.in
केरल: 36 सदस्यीय टीम सुरक्षित
केरल सरकार के अनुसार नेपाल भ्रमण पर गई 36 लोगों की एक टीम सुरक्षित है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से दूर है. राज्य सरकार की संस्था नोरका-रूट्स (NORKA-Roots) ने आपात सहायता के लिए हेल्पडेस्क शुरू किया है. नोरका हेल्पलाइन: 18004253939 (टोल फ्री) +91-8802012345 (मिस्ड कॉल). मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी संपर्क के लिए नंबर जारी किए हैं: 9447111844 और 9747132147
सिक्किम ने जारी की हेल्पलाइन
सिक्किम सरकार ने नेपाल में फंसे या प्रभावित लोगों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन जारी की है. इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं:
- 03592-201145
- 03592-202461
- 03592-202256
ओडिशा ने दिल्ली में बनाया कंट्रोल रूम
ओडिशा सरकार ने नई दिल्ली में कंट्रोल रूम स्थापित किया है. हेल्पलाइन नंबर ये हैं:
- +91-7428135044
- +91-8527580245
- 011-23012807
सरकार ने ओडिशा परिवार निदेशालय के विशेष कार्याधिकारी प्रीतिश पांडा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है. फिलहाल राज्य के किसी नागरिक के लापता होने की पुष्टि नहीं हुई है.
उत्तराखंड ने भी जारी किए नंबर
उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने हेल्पलाइन जारी की है. इन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं:
- 0135-2710334
- 0135-2710335
- 0135-2664314
- 0135-2664315
- 0135-2664316
- 8218867005
- टोल फ्री: 1070
छत्तीसगढ़ ने भी शुरू की सहायता सेवा
छत्तीसगढ़ सरकार ने नेपाल में फंसे राज्य के लोगों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं. हेल्पलाइन: 1070, +91-771-2223471
भारतीय दूतावास की आपातकालीन हेल्पलाइन
नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों की मदद के लिए आपातकालीन नंबर जारी किए हैं. इमरजेंसी नंबर ये हैं:
- +977 985 131 6807
- +977 970 910 7500
नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ के बाद राहत और बचाव कार्य जारी हैं. कई भारतीयों का अब भी पता नहीं चल पाया है और संचार व्यवस्था बहाल होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.
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