- काठमांडू में आज ‘NDTV अन्वीक्षा' नाम की नई वैश्विक बातचीत की सीरीज शुरू हुई, इसमें नेपाली विदेश मंत्री हुए
- शिशिर खनाल ने बताया कि नेपाल बाढ़ में लापता हुए 400 से ज्यादा विदेशियों में लगभग 300 भारतीय शामिल हैं
- उन्होंने भारत को थैंक्यू कहते हुए बताया कि कोई भी देश उसी तरह की मदद की उम्मीद करता है, जैसा भारत कर रहा है
नेपाल में आपदा है और भारत का एक वादा है- हम मदद के लिए सबसे आगे खड़े रहेंगे. काठमांडू में NDTV वर्ल्ड ने आज, 27 अक्टूबर को ‘एनडीटीवी अन्वीक्षा: आइडियाज अक्रॉस बॉर्डर्स' नाम की नई वैश्विक बातचीत की सीरीज शुरू की और यहां यही मैसेज सबसे उपर था. यहां 'बदलती दुनिया में नेपाल की विदेश नीति' विषय पर हुई पहले सेशन में मंच से नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने भारत के फौरी मदद से लिए शुक्रिया कहा. उन्होंने यहां बताया कि लापता हुए 500 से ज्यादा विदेशियों में लगभग 300 भारतीय शामिल हैं. उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से दुनिया भर की सरकारों के संपर्क में भी रहा हूं और कोई भी देश उसी तरह की मदद की उम्मीद करता है, जैसा भारत कर रहा है.
विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने 'अन्वीक्षा' डॉयलॉग सीरिज शुरू करने के लिए NDTV का आभार जताया और कहा कि काठमांडू में इस तरह की बातचीत का यह पहला आयोजन है.
जेन-जी की ताकत और भारत-नेपाल सीमा विवाद
जेन जी की ताकत पर बात करते हुए शिशिर खनाल ने कहा कि नेपाल की मौजूदा सरकार "जेन Z आंदोलन" का नतीजा है. उन्होंने पिछले साल हुए उन प्रदर्शनों का जिक्र किया जिनकी वजह से केपी शर्मा की सरकार गिर गई थी और नए चुनाव हुए, जिनमें बालेन शाह की सरकार की जीत हुई. भारत के साथ सीमा विवाद के बारे में पूछे जाने पर शिशिर खनाल ने कहा कि दो पड़ोसियों के बीच समस्याएं होना स्वाभाविक है. उन्होंने कहा, "लेकिन मैं यह देखना चाहता हूं कि हमारे तंत्र (मैकेनिज्म) अक्सर बैठकें करें. मुझे बहुत खुशी है कि पिछले कुछ महीनों में नेपाल और भारत के तंत्रों ने काम करना शुरू कर दिया है."
जब नेपाल अचानक आई बाढ़ की विभीषिका से जूझ रहा है, NDTV सबसे पहले ग्राउंड पर मौजूद है और इस मुश्किल वक्त में नेपाल के लोगों की आवाज बनकर खड़ा है. इवेंट शुरू होने से पहले नेपाल में अचानक आई बाढ़ के पीड़ितों के लिए एक मिनट का मौन रखा गया.
भारत-नेपाल डॉयलॉग में दोनों देशों के नेता, अधिकारी, डिप्लोमेट, कारोबारी, रणनीतिक विशेषज्ञ और कला-संस्कृति व खेल जगत की हस्तियां शामिल हो रही हैं. बातचीत में नेपाल की बदलती राजनीति, अर्थव्यवस्था और समाज के साथ भारत के साथ उसके रिश्तों और क्षेत्र में उसकी भूमिका पर भी चर्चा होगी. यह खास इवेंट सिर्फ भारत-नेपाल रिश्तों पर होने वाली सामान्य चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा. इसमें नेपाल को उसकी अपनी आवाज, सोच, सपनों और भविष्य की योजनाओं के साथ समझने की कोशिश होगी.