22 साल बाद NASA के स्विफ्ट सैटेलाइट टेलीस्कोप का सफर खत्म; 7000 रिसर्च का साथी, इंडोनेशिया के ऊपर जलकर नष्ट

22 साल तक ब्रह्मांड के रहस्यों को समझने में मदद करने वाला NASA का स्विफ्ट टेलीस्कोप आखिरकार अपना आखिरी सफर तय कर चुका है. गामा रे बर्स्ट, ब्लैक होल और सुपरनोवा जैसी हजारों खगोलीय घटनाओं का अध्ययन करने वाला यह उपग्रह पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय जलकर नष्ट हो गया.

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NASA का स्विफ्ट मिशन खत्म, वायुमंडल में जलकर नष्ट हुआ उपग्रह
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  • 22 साल तक अंतरिक्ष में सेवा देने के बाद NASA का स्विफ्ट टेलीस्कोप हुआ खत्म
  • गामा रे विस्फोटों का अध्ययन करने वाला स्विफ्ट टेलीस्कोप अब इतिहास बना
  • 2004 में लॉन्च हुआ, 7,000 वैज्ञानिक शोधों में योगदान, बचाने की कोशिश भी नाकाम

अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में दो दशकों से अधिक समय तक महत्वपूर्ण योगदान देने वाला NASA का स्विफ्ट सैटेलाइट टेलीस्कोप आखिरकार अपने मिशन के अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया. बुधवार को यह उपग्रह पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर इंडोनेशिया के ऊपर वायुमंडल में प्रवेश करते समय जलकर नष्ट हो गया. लगभग 22 वर्षों तक सक्रिय रहे इस अंतरिक्ष वेधशाला ने गामा रे बर्स्ट, सुपरनोवा विस्फोट, ब्लैक होल, धूमकेतुओं और क्षुद्रग्रहों पर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई थी. इसके अध्ययन ने खगोल विज्ञान के क्षेत्र में हजारों शोधों को नई दिशा दी.

आवाज की गति से 22 गुना अधिक स्पीड से पृथ्वी की ओर आया

NASA के अनुसार नील गेहरल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी ने बुधवार को पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी और इंडोनेशिया के उत्तरी सुमात्रा प्रांत के ऊपर वायुमंडल में पुनः प्रवेश किया. अमेरिकी स्पेस फोर्स ने पुष्टि की कि उपग्रह का पुनः प्रवेश भारतीय समयानुसार दोपहर के करीब हुआ. उस समय यह ध्वनि की गति से लगभग 22 गुना अधिक गति से पृथ्वी के वायुमंडल की ओर बढ़ रहा था. NASA ने बताया कि वायुमंडल में प्रवेश के दौरान पैदा हुई अत्यधिक गर्मी के कारण उपग्रह का अधिकांश हिस्सा जलकर नष्ट हो गया.

जमीन पर नुकसान की कोई सूचना नहीं

अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि संभावना थी कि उपग्रह के कुछ छोटे टुकड़े पूरी तरह न जलें और पृथ्वी तक पहुंच जाएं, लेकिन अब तक किसी प्रकार के नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है. अमेरिकी स्पेस फोर्स ने पहले ही अनुमान लगाया था कि किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचने की संभावना लगभग 2,100 में एक थी, जिसे बेहद कम जोखिम माना गया था. इस आकार के उपग्रह नियमित रूप से पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करते हैं और अब तक अंतरिक्ष मलबे से किसी व्यक्ति की मृत्यु का कोई रिकॉर्ड नहीं है.

500 मिलियन डॉलर का था मिशन

करीब 32 सौ पाउंड यानी 1,452 किलोग्राम वजनी स्विफ्ट टेलीस्कोप NASA की लगभग 500 मिलियन डॉलर लागत वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल था. इसे मुख्य रूप से गामा रे बर्स्ट के अध्ययन के लिए विकसित किया गया था. गामा रे बर्स्ट ब्रह्मांड में होने वाले सबसे शक्तिशाली और रहस्यमय ऊर्जा विस्फोट माने जाते हैं. टेलीस्कोप में तीन अलग-अलग प्रकार के दूरबीन उपकरण लगाए गए थे, जो विभिन्न तरंगदैर्ध्य पर ब्रह्मांड का अध्ययन कर सकते थे.

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7,000 से अधिक वैज्ञानिक शोधों में योगदान

2004 में लॉन्च किए गए स्विफ्ट मिशन ने अपने निर्धारित दो वर्ष के जीवनकाल को बहुत पीछे छोड़ दिया और लगभग 22 वर्षों तक सक्रिय रहा. इस दौरान उसने सैकड़ों सुपरनोवा विस्फोटों, ब्लैक होल द्वारा तारों को निगलने की घटनाओं, एक्स-रे फ्लेयर्स, क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं का अध्ययन किया. NASA के अनुसार इस मिशन से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर 7,000 से अधिक वैज्ञानिक शोध पत्र प्रकाशित किए गए.

बचाने की कोशिश भी हुई थी

स्विफ्ट टेलीस्कोप में स्वयं का प्रणोदन तंत्र नहीं था, इसलिए वह धीरे-धीरे अपनी कक्षा खो रहा था. जुलाई में NASA और एरिजोना स्थित स्टार्टअप कंपनी ने LINK नामक एक विशेष बचाव यान लॉन्च किया था. इस मिशन का उद्देश्य स्विफ्ट से जुड़कर उसे ऊंची और स्थिर कक्षा में पहुंचाना था, ताकि उसका जीवनकाल बढ़ाया जा सके. हालांकि अंतरिक्ष में पहुंचने के कुछ समय बाद ही LINK यान अनियंत्रित रूप से घूमने लगा और अगस्त के मध्य में मिशन को रद्द करना पड़ा. इसके बाद NASA ने स्वीकार कर लिया था कि अब स्विफ्ट को कक्षा में बनाए रखना संभव नहीं है और उसे स्वाभाविक रूप से पृथ्वी की ओर लौटने दिया जाएगा.

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Topics mentioned in this article
NASA Swift Telescope
SWIFT Satellite
NASA Mission
Gamma Ray Bursts
Space Telescope

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