मिडिल ईस्ट में 'कयामत' के 7 दिन, हर 3 मिनट में गिर रही मिसाइल, ईरान के काउंटर अटैक से अरब देशों में हाहाकार

मिडिल ईस्ट में युद्ध के सातवें दिन तबाही का नया रिकॉर्ड बना है. पिछले 6 दिनों में 3100 मिसाइलें दागी जा चुकी हैं, जहां एक ओर अमेरिका 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' चला रहा है, वहीं ईरान ने कुवैत और दुबई स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भीषण पलटवार किया है.

विज्ञापन
Read Time: 4 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • मिडिल ईस्ट में पिछले छह दिनों में 3000 से अधिक मिसाइलें दागी गईं, जिससे क्षेत्र में भारी तबाही हुई
  • अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर 2600 से अधिक मिसाइलें छोड़ीं जबकि ईरान ने करीब 500 मिसाइलों से जवाब दिया
  • ईरान ने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और दुबई के रिहायशी इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमले किए
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

मिडिल ईस्ट इस वक्त इतिहास के सबसे भीषण संघर्ष के मुहाने पर खड़ा है. युद्ध के सातवें दिन जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे रूह कंपा देने वाले हैं. पिछले 6 दिनों में पूरे इलाके में 3100 से ज्यादा मिसाइलें दागी जा चुकी हैं. स्थिति यह है कि ईरान पर हर साढ़े तीन मिनट में एक मिसाइल गिर रही है, जबकि जवाब में ईरान भी हर तीन मिनट के भीतर इजरायल और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है.

तबाही का गणित, मिनटों में बंट गई मौत

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 6 दिनों में मिडिल ईस्ट का कोना-कोना दहला है. अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर 2600 से ज्यादा मिसाइलें दागीं. वहीं ईरान ने पलटवार करते हुए अब तक करीब 500 मिसाइलों से जवाब दिया है. यानी हर घंटे औसतन 22 मिसाइलें और आसमान से मौत बनकर बरस रही हैं. अगर मिनट की बात करें तो हर तीन मिनट के अंदर मिडिल ईस्ट को एक मिसाइल दहला रही है. वहीं हर दिन साढे़ तीन मिनट के अंदर ईरान पर एक मिसाइल से हमला हो रहा है.

अगर इनमें ड्रोन समेत दूसरे अटैक को भी शामिल कर दें, तो कुछ ही सेकंड के भीतर मिडिल ईस्ट की जमीन दहक जा रही है. ये दहक पर भड़कते-भड़कते 14 देशों को अपनी चपेट में ले चुकी है. हालात ऐसे बन गए हैं कि समूचा विश्व मिडिल ईस्ट की जमीन पर चल रहे बारूदी संग्राम से कांप उठा है. मिसाइल हमले, एयर स्ट्राइक और जवाबी कार्रवाई की धमकियों ने पूरे इलाके में अस्थिरता और चिंता का माहौल बना दिया है.

ईरान कुवैत और UAE को बना रहा निशाना

अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरान किसी घायल शेर की तरह दहाड़ते हुए इजरायल से लेकर अमेरिका के बेस पर घातक हमले कर रहा है. 6 मार्च की सुबह ईरान ने फिर से कुवैत स्थित 'अली अल सलेम' एयर बेस को निशाना बनाया. इस धमाके के बाद हर तरफ काला धुआं और तबाही का खौफनाक मंजर दिखाई दिया. ये बेस अमेरिकी वायु सेना के 386वें एयर एक्सपेडिशनरी विंग का ठिकाना है. हमले के बाद कुवैत सिटी में अमेरिकी दूतावास ने अपना कामकाज निलंबित कर दिया है.

Advertisement

ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स ने दुबई के रिहाइशी इलाकों और 'जायद इंटरनेशनल एयरपोर्ट' के पास धमाके किए हैं. दुबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 को खाली करा लिया गया है और फिलहाल परिचालन ठप है.

इजरायल पर क्लस्टर बमों की बारिश

ईरान ने इजरायल के खिलाफ अपनी रणनीति बदलते हुए 'क्लस्टर बमों' का इस्तेमाल शुरू किया है. हालांकि इजरायल का 'आयरन डोम' डिफेंस सिस्टम अधिकांश हमलों को नाकाम कर रहा है, लेकिन कई इलाकों में भारी नुकसान की खबरें हैं. उधर, जवाब में इजरायल ने तेहरान के भीतर जम्हूरि एवेन्यू और आजादी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है. इजरायल का दावा है कि उसने ईरान के 60% मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट कर दिया है.

Advertisement

अमेरिका का 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी'

अमेरिकी सेना ने ईरान को घुटनों पर लाने के लिए B-2 बॉम्बर्स के जरिए 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' तेज कर दिया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, पिछले 72 घंटों में 200 से ज्यादा 'पेनिट्रेटर' बम (2000 पाउंड वजनी) गिराए गए हैं. ये बम जमीन के गहरे अंदर छिपे ईरानी बंकरों और मिसाइल डिपो को तबाह करने के लिए डिजाइन किए गए हैं.

यह भी पढ़ें: जापान 214, अमेरिका 200 दिन और भारत... कच्चे तेल के आयात के बिना कब तक टिक सकता है कोई देश?

Featured Video Of The Day
Weather Update | UAE पर दोहरी मार! ईरान के हमले और तूफान-बारिश का कहर | Iran Israel War