Mexico violence: ड्रग लॉर्ड एल मेंचो की मौत के बाद जल उठा मैक्सिको
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- मैक्सिको के सबसे वांटेड ड्रग माफिया एल मेंचो की सेना के साथ मुठभेड़ में मौत के बाद देश में तनाव और हिंसा फैली
- एल मेंचो की मौत के बाद जलिस्को और 20 अन्य राज्यों में कार्टेल सदस्यों ने सड़कों को जाम कर आगजनी की घटनाएं कीं
- सरकार ने स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए कुल 10,000 सैनिक तैनात किए, 2,500 अतिरिक्त जवान जलिस्को भेजे गए हैं
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हमें बताएं।मैक्सिको में देश के सबसे वांटेड ड्रग माफिया सरगना “एल मेंचो” की आर्मी के साथ मुठभेड़ में मौत के बाद पूरे देश में तनाव और हिंसा का माहौल बन गया है. एल मेंचो का असली नाम नेमेसियो ओसेगुएरा रुबेन सर्वांटेस था और वह कुख्यात जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख था. एल मेंचो को मेक्सिको के जालिस्को राज्य के तापाल्पा में सेना के साथ मुठभेड़ में गोली लगी और मैक्सिको सिटी ले जाते समय उसकी मौत हो गई. उसकी मौत की खबर फैलते ही कार्टेल के मेंबर्स ने कई राज्यों में हिंसा शुरू कर दी. सरकार को हालात काबू में करने के लिए बड़े पैमाने पर सेना तैनात करनी पड़ी. आम नागरिकों में डर, बाजारों में सन्नाटा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा चेतावनियां- ये सब मिलकर मैक्सिको की गंभीर स्थिति को दर्शाते हैं. चलिए बताते हैं कि अभी मैक्सिको के हालात क्या हैं.
- एल मेंचो की मौत के बाद देशभर में हिंसा भड़क उठी और कई इलाकों में गोलीबारी व आगजनी की घटनाएं सामने आईं.
- मैक्सिको की सरकार ने हालात संभालने के लिए कुल 10,000 सैनिक तैनात किए, जिनमें 2,500 अतिरिक्त जवान जालिस्को भेजे गए हैं. जालिस्को न केवल एल मेंचो के कार्टेल का गढ़ है बल्कि यह इस साल के फीफा विश्व कप में मेजबान शहरों में से एक भी है.
- कार्टेल सदस्यों ने 20 राज्यों में सड़कों को जाम किया और गाड़ियों व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को आग के हवाले कर दिया.
- मुठभेड़ और बाद की झड़पों में कम से कम 27 सुरक्षाकर्मी, 46 संदिग्ध अपराधी और एक नागरिक की मौत हुई है.
- एपी की रिपोर्ट के अनुसार जलिस्को में एक अलग स्थान पर, सैनिकों ने एक अन्य हाई-रैंकिंग कार्टेल सदस्य को मार डाला है. आर्मी ने कहा कि वह एल मेंचो की मौत के बाद देश में कार्टेल की हिंसा को कॉर्डिनेट कर रहा था और मारे गए प्रत्येक सैनिक के लिए 1,000 डॉलर से अधिक का ऑफर दे रहा था.
- जालिस्को में जेल पर हमले के बाद 23 कैदी फरार हो गए, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे.
- ग्वाडलहारा में स्कूल बंद कर दिए गए और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं लगभग ठप रहीं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ. AFP की रिपोर्ट के अनुसार ग्वाडलाजारा के एक बुजुर्ग जुआन सोलर ने बताया कि यहां फार्मेसियां बंद थीं और लगभग "सब कुछ बंद है". वहीं मारिया डी जीसस गोंजालेज ने कहा, "मैं सो नहीं सकी. अब मैं थोड़ी शांत हूं, लेकिन फिर भी थोड़ा डरा तो लग रहा है."
- पर्यटन स्थल प्युरटो वालार्टा भी हिंसा से अछूता नहीं रहा, और कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ीं
- ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा चेतावनी जारी की, जिससे पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा. भारत ने भी अपने नागरिकों को जबतक एकदम जरूरी न हो, मैक्सिको की सड़कों पर न निकलने की चेतावनी दी है. हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है.
- भले ही सरकार ने कहा है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है, लेकिन आम लोगों में अब भी डर और असुरक्षा की भावना बनी हुई है.
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