इवांका के लिए था मेलानिया ट्रंप की विवादों में रही जैकेट पर लिखा "I Really Don't Care..." का मैसेज

केटी रोजर्स की जल्द आने वाली पुस्तक "अमेरिकन वुमन: द ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ द मॉडर्न फर्स्ट लेडी, फ्रॉम हिलेरी क्लिंटन टू जिल बिडेन" के अनुसार, जैकेट के जरिए निश्चित रूप से मेलानिया ने एक संदेश दिया था."

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2018 में मेलानिया की इस जैकेट के कारण काफी विवाद हुआ था.
नई दिल्ली:

क्या आपको याद है 2018 में अमेरिकी की पूर्व फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप ने जारा की ऑलिव जैकेट पहनी थी और बच्चों की चैरिटी में हिस्सा लिया था. उनकी इस जैकेट के कारण काफी विवाद भी हुआ था. ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी जैकेट पर लिखा था, "मुझे वास्तव में परवाह नहीं है, क्या आपको है?" दरअसल, टेक्सास में अपब्रिंग न्यू होप चिल्ड्रन शेल्टर के दौरे के लिए वायु सेना के विमान में चढ़ते वक्त मेलानिया इस जैकेट में दिखी थीं. इस चेरिटी प्रोग्राम का आयोजन अप्रवासी बच्चों के लिए किया गया था.

अफवाह फैलाने वालों ने यह समझने में बहुत मेहनत की थी कि इस संदेश का मतलब क्या था और यह किसके लिए था, जबकि मेलानिया के समर्थकों और विरोधियों ने उनकी फैशन पसंद को लेकर युद्ध ही छेड़ दिया था. अब एक नई किताब में 2018 के इस विवाद के बारे में सबकुछ बताने का दावा किया गया है.

केटी रोजर्स की जल्द आने वाली पुस्तक "अमेरिकन वुमन: द ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ द मॉडर्न फर्स्ट लेडी, फ्रॉम हिलेरी क्लिंटन टू जिल बिडेन" के अनुसार, जैकेट के जरिए निश्चित रूप से मेलानिया ने एक संदेश दिया था. हालांकि, जैसा कि मेलानिया ने दावा किया था, यह संदेश न तो बच्चों और न ही "वामपंथी मीडिया" के लिए था.

विवाद जब बहुत अधिक बढ़ गया था तो मेलानिया ने कहा था: "यह स्पष्ट है कि मैंने बच्चों के लिए जैकेट नहीं पहनी थी... यह उन लोगों और वामपंथी मीडिया के लिए थी जो मेरी आलोचना कर रहे हैं. मैं उन्हें दिखाना चाहती हूं कि मैं परवाह नहीं करती हूं. आप जो कहना चाहते हैं वो कह सकते हैं या फिर आलोचना भी कर सकते हैं, लेकिन यह मुझे वो करने से नहीं रोकेगा जो मुझे सही लगता है." 

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इस नई किताब में दावा किया गया है कि यह तंज उनकी सौतेली बेटी इवांका पर था, जिनके साथ उनका चार साल तक झगड़ा चला था, लेकिन वह केवल अपने पति डोनाल्ड ट्रंप के साथ विवाह से पहले और बाद की व्यवस्थाओं पर दोबारा बातचीत करने के लिए रुकी हुई थीं. 

इवांका और मेलानिया के बीच ये विवाद उस वक्त शुरू हुआ था जब वह ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उनके साथ व्हाइट हाउज नहीं आई थीं क्योंकि दोनों के 10 वर्षीय बेटे बैरन को न्यूयॉर्क में अपना स्कूल खत्म करना था. इसी बीच इवांका ने व्हाइट हाउज के ईस्ट विंग को दोबारा बनाने का फैसला कर लिया लेकिन तभी मेलानिया बीच में आ गईं और उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया. इसके बाद दोनों के बीच चार वर्ष तक लड़ाई चली थी.

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नई किताब के अनुसार, "मेलानिया जानती थी कि ट्रंप ने सुझाव दिया था कि उनकी बड़ी बेटी फर्स्ट लेडी की जिम्मेदारियों को साझा करने में मदद करेंगी लेकिन इवांका के ईस्ट विंग को दोबारा बनाने के फैसले से वह खुश नहीं थीं." न्यूयॉर्क टाइम्स की व्हाइट हाउस संवाददाता रोजर्स ने कहा, "सबसे बड़ी बेटी का इरादा फर्स्ट लेडी के क्वार्टर पर कब्जा करने और उनकी भूमिका को अनिवार्य रूप से खत्म करने का था, जिससे वह "केवल फर्स्ट लेडी ही नहीं, बल्कि पूरे फर्स्ट फैमिली की सेवा करने के लिए तैयार हो गई". 

जब ट्रम्प ने इवांका को मेलानिया के साथ फर्स्ट लेडी की भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया तो उन्हें अपने पिता का समर्थन प्राप्त हो गया था. उन्होंने अपना कार्यकाल शुरू करते समय संवाददाताओं से यहां तक कहा था कि उनकी बेटी फर्स्ट लेडी के कर्तव्यों में "मेलानिया की मदद करेंगी और उनके साथ काम करेंगी". हालांकि, मेलानिया ने ऐसे किसी भी प्रयास को खारिज कर दिया, और अपनी सौतेली बेटी के साथ विवाद शुरू कर दिया, जिसे वह "द प्रिंसेस" कहती थीं. यहां तक कि जब इवांका ने ट्रंप के वेस्ट विंग में सलाहकार के रूप में काम किया, तब भी मेलानिया और वह ज्यादातर एक-दूसरे से बचते ही रहे हैं.

संवादाता रोजर्स ने लिखा, "अगर उन्होंने कभी भी इस मुद्दे पर लड़ाई छेड़ी है, तो वह स्पष्ट रूप से हार गई हैं: चार साल तक, यह देखना मुश्किल था कि पारिवारिक व्यवसाय का संचालन कहां खत्म हुआ है और ट्रम्प प्रशासन कहां से शुरू हुआ है."

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