लंदन में बीच सड़क यहूदियों पर चाकू से हमला, पुलिस बोली- ये आतंकी घटना, ईरान समर्थक ग्रुप ने ली जिम्मेदारी

पिछले कुछ हफ्तों में लंदन में यहूदियों के पूजा स्थलों पर हमले की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं. खुफिया एजेंसी MI5 के आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में कथित रूप से ईरान समर्थित कम से कम 20 घातक हमले की साजिशों को नाकाम किया गया है.

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लंदन में राह चलते यहूदियों पर हमले के आरोपी को पुलिस और लोगों ने मौके पर ही दबोच लिया.

लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में बुधवार को दो यहूदी पुरुषों पर एक शख्स ने चाकू से हमला कर दिया. ब्रिटिश पुलिस ने इसे एक 'आतंकी हमला' करार दिया है और हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है. अब ब्रिटेन की सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की गहनता से जांच कर रही हैं कि क्या इस घटना के तार ईरान से जुड़े थे? 

HAYI नाम के संगठन ने ली जिम्मेदारी

इस बीच हरकत अशाब अल यामीन अल इस्लामिया (HAYI) नाम के संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. SITE इंटेलिजेंस ग्रुप का कहना है कि इस संगठन का संबंध ईरान से हो सकता है. HAYI ने बयान में कहा कि इस हमले को अकेले हमलवार (लोन वुल्फ अटैकर) ने अंजाम दिया. HAYI ने यूरोप में पिछले दो महीनों में यहूदियों के ठिकानों पर हुए हमलों की भी जिम्मेदारी ली है. बता दें कि पिछले कुछ समय से यूरोप खासकर लंदन में यहूदियों और उनके पूजा स्थलों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं. इनके पीछे ईरान समर्थित लोगों के शामिल होने का शक है. 

रास्ते से जा रहे यहूदियों पर किए वार

लंदन की मेट्रोपोलिटन पुलिस ने बताया कि गोल्डर्स ग्रीन रोड पर इस हमले को 45 वर्षीय हमलावर ने अंजाम दिया. उसने रास्ते से जा रहे 34 और 76 वर्ष के दो यहूदी नागरिकों पर अचानक चाकू से हमला कर दिया. पुलिसकर्मी जब हमलावर को पकड़ने के लिए पहुंचे तो उसने उन पर भी चाकू से वार करने की कोशिश की. हालांकि पुलिस ने बल प्रयोग करके उसे दबोच लिया. 

पीएम ने बुलाई इमरजेंसी बैठक

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने घटना पर दुख जताया है और कहा है कि यहूदी समुदाय पर हमला पूरे ब्रिटेन पर हमला है. उन्होंने स्थिति की समीक्षा के लिए सरकार की इमरजेंसी कमिटी की बैठक बुलाई है. पुलिस के मुताबिक, हमलावर का गंभीर हिंसा और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का पुराना इतिहास रहा है.

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यहूदियों के खिलाफ लगातार वारदातें

इस हमले के बाद ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई5 और आतंकवाद विरोधी दस्ते अलर्ट हो गए. इस बात की जांच की जा रही है कि क्या यह वारदात आगजनी की उन हालिया घटनाओं की कड़ी है, जिन्हें ईरान समर्थित समूहों द्वारा अंजाम दिए जाने का शक है. इस घटना से लंदन के यहूदी समुदायों में आक्रोश और डर का माहौल है. 

ब्रिटिश सरकार पहले भी ईरान पर आरोप लगा चुकी है कि वह यूरोप में अपने विरोधियों और यहूदी लोगों को निशाना बनाने के लिए आपराधिक गिरोहों का इस्तेमाल कर रहा है. MI5 के आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल के अंदर ईरान समर्थित कम से कम 20 घातक साजिशों को नाकाम किया गया है. अक्टूबर 2023 में गाजा संघर्ष शुरू होने के बाद से ब्रिटेन में यहूदी के खिलाफ वारदातों में काफी उछाल आया है. पिछले साल ही ऐसी 3700 घटनाएं दर्ज की गई थीं, जो पिछले वर्षों की तुलना में दोगुनी से भी ज्यादा हैं.

उधर इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग ने लंदन में चाकूबाजी की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यहूदी विरोधी नफरत की इस दुनिया में कोई जगह नहीं है. दुनिया को इसके खिलाफ आगे आना होगा. उन्होंने कहा कि पश्चिम के प्रमुख शहरों में यहूदियों का सड़क पर चलना भी दुश्वार होता जा रहा है.

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