- अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं
- मादुरो पर नार्को-आतंकवाद षड्यंत्र, कोकीन आयात षड्यंत्र और हथियार रखने के आरोप शामिल हैं
- अमेरिकी सेना ने मादुरो और फ्लोर्स को गिरफ्तार कर उन्हें अमेरिकी अदालतों में पेश करने की तैयारी की है
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को लेकर अमेरिका ने एक बड़ा अपडेट दिया है. अमेरिका की अटार्नी जनरल पामेला बोंडी ने अमेरिकी की एक कार्रवाई को लेकर शनिवार शाम को एक सोशल मीडिया पोस्ट किया. इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने मादुरो और उनकी पत्नी फ्लोर्स को पकड़ने के बाद उनपर किस तरह के चार्ज लगाए हैं.
अटॉर्नी जनरल पामेला बोंडी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी, सिलिया फ्लोरेस, पर न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले में आरोपपत्र दाखिल किया गया है. निकोलस मादुरो पर नार्को-आतंकवाद षड्यंत्र, कोकीन आयात षड्यंत्र, मशीनगन और विनाशकारी उपकरण रखने और संयुक्त राज्य अमेरिका के खिलाफ मशीनगन और विनाशकारी उपकरण रखने के षड्यंत्र का आरोप लगाया गया है.
उन्हें जल्द ही अमेरिकी धरती पर अमेरिकी अदालतों में कार्रवाई का सामना करने पड़ेगा. पूरे अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से, मैं अमेरिकी जनता की ओर से जवाबदेही की मांग करने का साहस दिखाने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप को धन्यवाद देना चाहती हूं, और इन दो कथित अंतरराष्ट्रीय नार्को तस्करों को पकड़ने के अविश्वसनीय और बेहद सफल अभियान को अंजाम देने वाले हमारे बहादुर सैन्य बलों को भी बहुत-बहुत धन्यवाद.
रूस ने दी थी अपनी प्रतिक्रिया
अमेरिकी सेना की इस कार्रवाई को लेकर अब रूस ने भी बड़ा बयान दे दिया है. रूस ने वेनेजुएला पर हुए इस हमले को लेकर कहा है कि हम वेनेजुएला के साथ है. रूस की ये प्रतिक्रिया अमेरिका के लिए भी एक संकेत की तरह है. रूस ने अपने बयान में आगे कहा कि है कि हम वेनेजुएला के लोगों के साथ अपनी एकजुटता और इसके बोलिवेरियन नेतृत्व के लिए अपने समर्थन की पुष्टि करते हैं. रूस का ये बयान उस समय आया है जब अमेरिका की सेना वेनेजुएला में बेहद आक्रामक रूप ले चुकी है. अमेरिकी सैनिक वेनेजुएला के राष्ट्रपति तक को अपने साथ ले जाने का दावा कर रहे हैं. अब ऐसे में सवाल ये है कि अमेरिका की इस कार्रवाई को लेकर रूस का ये बयान क्या अंतरराष्ट्रीय पटल पर कोई नए बवाल के शुरू होने का संकेत मात्र है.
यह भी पढ़ें: क्या धरती के नीचे छिपा ये खजाना है वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले की वजह?
यह भी पढ़ें: कौन हैं वेनेजुएला की फर्स्ट लेडी सिलिया फ्लोर्स, जिन्हें पकड़कर देश के बाहर ले गई ट्रंप की सेना














