- अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग के 7वें दिन भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ जारी है.
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान को बिना शर्त आत्मसमर्पण करना होगा तभी कोई समझौता संभव होगा.
- खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को अगला नेता चुना गया, लेकिन ट्रंप ने उन्हें असक्षम बताया है.
Israel-US Iran War: अमेरिका-इजरायल और ईरान का जंग कब थमेगा, अभी यह कहना मुश्किल लग रहा है. शुक्रवार को इस जंग के सातवे दिन भी दोनों ओर से मिसाइल और ड्रोनों का हमला जारी रहा. हमले की रफ्तार में पहले की तुलना में कमी आई है. लेकिन जंग समाप्त नहीं हुआ है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का साफ कहना है कि ईरान बिना शर्त सरेंडर करे तभी समझौता होगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान में नई बेहतर लीडरशिप चुनी जाएगी. उन्होंने ईरान को दोबारा ग्रेट बनाने की भी बात कही. लेकिन दूसरी ओर ईरान ने हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को अगला सुप्रीम लीडर चुना है.
ट्रंप ने मुजतबा खामेनेई को इनकंपिटेंट बताया
लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में साफ कहा कि ईरान का अगला सर्वोच्च नेता चुनने में अमेरिका की अहम भूमिका होनी चाहिए. ट्रंप ने आयतुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई को अगला उत्तराधिकारी मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने मुजतबा को 'इनकंपिटेंट' (अक्षम) और 'लाइटवेट' बताते हुए उन्हें नामंजूर किया.
सरेंडर के बिना कोई समझौता नहींः ट्रंप
शुक्रवार शाम अमेरिकी राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, ''ईरान के साथ आत्मसमर्पण के अलावा अब कोई समझौता नहीं होगा. उसके बाद एक महान और स्वीकार्य नेता के चयन के बाद हम और हमारे कई अद्भुत और बहुत बहादुर सहयोगी और साझेदार मिलकर ईरान को विनाश की कगार से वापस लाने के लिए बिना थके काम करेंगे और इसे आर्थिक रूप से पहले से कहीं ज्यादा बड़ा, बेहतर और मजबूत बनाएंगे. ईरान का भविष्य शानदार होगा.”
इससे पहले भी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान अब बातचीत करना चाहता है. वे फोन कर रहे हैं और पूछ रहे हैं कि समझौता कैसे किया जाए. मैंने उनसे कहा कि अब आप थोड़ा देर से आए हैं.
ट्रंप का दावा- अब बातचीत का मन बना रहा ईरान
ट्रंप ने कहा कि भारी सैन्य नुकसान झेलने के बाद ईरान अब बातचीत का मन बना रहा है. संयुक्त सैन्य अभियान उम्मीद से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहा है और ईरानी सेना को भारी नुकसान पहुंचा चुका है. अमेरिका और इजरायल की सेनाएं तेहरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को निशाना बनाकर लगातार हमले कर रही हैं. अमेरिका और उसके सहयोगी देश तेजी से ईरान की सैन्य ताकत को कमजोर कर रहे हैं. उनके मुताबिक, ईरान पहले ही बातचीत के लिए संपर्क करने लगा है.
ट्रंप बोले- ईरान को भारी नुकसान, 3 दिन में 24 जहाज तबाह
उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान ईरान की नौसेना को भी भारी नुकसान हुआ है. ट्रंप ने दावा किया कि तीन दिनों में ईरान के 24 जहाज नष्ट कर दिए गए. अमेरिकी सेना ने ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और विमानन क्षमता का बड़ा हिस्सा खत्म कर दिया है. उनके एंटी-एयरक्राफ्ट हथियार खत्म हो चुके हैं. इसलिए उनके पास कोई एयरफोर्स नहीं है, उनके पास कोई एयर डिफेंस नहीं है. ईरान की करीब 60 प्रतिशत मिसाइल प्रणाली और 64 प्रतिशत लॉन्च इंफ्रास्ट्रक्चर पहले ही नष्ट किया जा चुका है.
ईरान के मिसाइल छोड़ते ही 4 मिनट में लॉन्चर को किया जा रहा तबाहः ट्रंप
ट्रंप ने कहा, “अमेरिकी सेना और हमारे इजरायली सहयोगी मिलकर दुश्मन की ताकत को तय समय से पहले ही पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान के मिसाइल लॉन्च सिस्टम को इस्तेमाल के कुछ ही मिनटों में नष्ट कर दिया जाता है. ट्रंप के मुताबिक, “जैसे ही वे मिसाइल छोड़ते हैं, चार मिनट के भीतर ही उस लॉन्चर को निशाना बनाकर तबाह कर दिया जाता है.”
उन्होंने कहा, “मैं एक बार फिर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड, मिलिट्री और पुलिस के सभी सदस्यों से हथियार डालने की अपील कर रहा हूं.” ट्रंप ने कहा कि अगर देश के सिक्योरिटी सिस्टम के अंदर के लोग मौजूदा लीडरशिप से अलग हो जाते हैं तो वाशिंगटन ईरान के लिए एक अलग भविष्य के लिए तैयार है.
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