- अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि कुवैत ने गलती से तीन F-15ई स्ट्राइक ईगल विमान फ्रेंडली फायर में मार गिराए थे
- एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिका सच्चाई छिपा रहा है, कहीं ऐसा तो नहीं कि ईरान के कारण ये जेट मारे गए हों
- एडम कोचनर का कहना है कि एक रात में 3 एफ-15 मार गिराना तकनीकी विफलता या लापरवाही हो सकती है
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच चौंकाने वाली खबर आई. कुवैत में अमेरिका के 3 अत्याधुनिक एफ-15ई स्ट्राइक ईगल विमान मार गिराए गए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि कुवैती एयर डिफेंस सिस्टम ने फ्रेंडली फायर में 'गलती' से इन विमानों पर हमले कर दिए. हालांकि कई अमेरिकी विश्लेषक इस स्पष्टीकरण को पचा नहीं पा रहे हैं. उनका मानना है कि अमेरिका सच्चाई छिपा रहा है, कहीं ऐसा तो नहीं कि ईरान की वजह से ये फाइटर जेट मारे गए हों.
कुवैत में 3 तरह के एयर डिफेंस सिस्टम
अमेरिकी प्रोफेसर और पॉलिसी कंसलटेंट एडम कोचरन (Adam Cochran) साफ कहते हैं कि फ्रेंडली फायर में एफ-15 फाइटर मार गिराने के दावों में कुछ तो गड़बड़ है, या तो यह झूठ है या फिर अमेरिकी कमांड की नाकामी है. कोचरन ने अनुभवी मिलिट्री सूत्रों से बात करने के बाद बताया कि कुवैत तीन तरह के एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करता है- पैट्रियट, इम्प्रूव्ड हॉक और शोराड.
SHORAD, हॉक 3 एफ-15 नहीं मार सकते
तीनों के बारे में विस्तार से बताते हुए कोचरन ने एक्स पोस्ट में कहा कि SHORAD में इतनी क्षमता नहीं है कि वो एफ-15 जैसे आधुनिक विमान को मार गिराए. हॉक एयर डिफेंस सिस्टम अपग्रेड होने के बाद एफ-15 को मार गिराने में सक्षम है, लेकिन एक साथ 3 एफ-15 विमानों को गिराना उसके लिए तकनीकी रूप से लगभग असंभव है.
ईरानी डिफेंस सिस्टम कितना सटीक?
हालांकि विमान सुरक्षा विशेषज्ञ फ्रांसिस्को कुन्हा ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा 3 अमेरिकी एफ-15 विमानों को मार गिराए जाने के दावों से इत्तफाक नहीं रखते. उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होते ही अपने सुप्रीम लीडर को खोने वाला ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम तकनीकी रूप से इतना सटीक नहीं हो सकता कि 700 मील दूर अत्याधुनिक फाइटर जेट पर निशाना लगा सके.
फ्रांसिस्को कुन्हा का कहना है कि इस मामले में चीन और रूस समर्थित बॉट्स काफी भ्रम फैला रहे हैं. उन पर यकीन नहीं करना चाहिए. वैसे जब युद्ध का कोहरा छंटेगा, तब असली सच्चाई सामने आ जाएगी. हालांकि चीन या रूस जैसे देशों की सैन्य विफलताओं की सच्चाई कभी बाहर नहीं आ पाती. कुन्हा के अलावा कई और लोगों ने प्रोफेसर कोचरन की दलीलों पर सवाल उठाए हैं.













