- अमेरिका और इजरायल ने नतांज परमाणु संवर्धन संयंत्र पर हवाई हमले किए, हालांकि इसमें कोई रेडियोधर्मी लीक नहीं हुआ
- नतांज संयंत्र को जून दो हजार पच्चीस में इजरायल-ईरान युद्ध के दौरान भी निशाना बनाया गया था
- अमेरिका ने मध्य पूर्व में तीन और हमलावर जहाज और लगभग दो हजार पांच सौ अतिरिक्त मरीन तैनात किए हैं
अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले और तेज कर दिए हैं. ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, आज सुबह अमेरिका और इजरायल के हवाई हमले में नतांज परमाणु संवर्धन संयंत्र को निशाना बनाया गया. समाचार एजेंसी ने बताया कि हालांकि इसमें कोई रेडियो एक्टिव लीक नहीं हुआ है और संयंत्र के आसपास रहने वाले लोगों को कोई खतरा नहीं है.
यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के एक दिन बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे मध्य पूर्व में सैन्य अभियानों को "कम करने" पर विचार कर रहे हैं, जबकि संयुक्त राज्य अमेरिका इस क्षेत्र में तीन और हमलावर जहाज और लगभग 2,500 अतिरिक्त मरीन भेज रहा है.
तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर (135 मील) दक्षिण-पूर्व में स्थित नतांज संयंत्र जून 2025 में इजरायल और ईरान के बीच हुए 12 दिन के जंग में भी मुख्य लक्ष्यों में से एक था, जिसमें अमेरिका भी बाद में शामिल हो गया था, और मौजूदा लड़ाई के दौरान भी इसे निशाना बनाया गया है.
ईरान के मुख्य संवर्धन केंद्र नतांज पर युद्ध के पहले सप्ताह में भी हमला हुआ था और सैटेलाइट इमेज के अनुसार कई इमारतें क्षतिग्रस्त दिखाई दे रही थी. संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने कहा था कि उस पहले हमले से "कोई रोडियोलॉजी संबंधी परिणाम" की उम्मीद नहीं है.
ये हमले इजरायली हवाई हमलों के एक दिन बाद हुए, जब ईरानी लोग फारसी नव वर्ष नवरोज मना रहे थे. नवरोज आमतौर पर एक उत्सवपूर्ण त्योहार होता है, लेकिन युद्ध के कारण इस बार इसकी रौनक फीकी पड़ गई है.
अमेरिका और इजरायल ने युद्ध के लिए समय-समय पर बदलते तर्क दिए हैं, जिनमें ईरान के नेतृत्व को उखाड़ फेंकने के लिए विद्रोह भड़काने की उम्मीद से लेकर उसके परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को खत्म करना शामिल है. हालांकि, ऐसे किसी विद्रोह के कोई सार्वजनिक संकेत नहीं मिले हैं और युद्ध के खत्म होने की कोई उम्मीद भी नजर नहीं आ रही है.
सोशल मीडिया पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "मध्य पूर्व में अपने बड़े सैन्य प्रयासों को समाप्त करने पर विचार करते हुए हम अपने उद्देश्यों को पूरा करने के बहुत करीब पहुंच रहे हैं."
यह कदम क्षेत्र में अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाने और युद्ध के लिए कांग्रेस से 200 अरब डॉलर की अतिरिक्त धनराशि मांगने के उनके प्रशासन के प्रयासों के विपरीत प्रतीत होता है.
कुछ दिन पहले, अमेरिका ने 2,500 मरीन को ले जा रहे हमलावर जहाजों के एक अन्य समूह को प्रशांत क्षेत्र से मध्य पूर्व की ओर मोड़ दिया था. ये मरीन क्षेत्र में पहले से मौजूद 50,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों में शामिल होंगे.
ट्रम्प ने कहा है कि उनकी ईरान में जमीनी सेना भेजने की कोई योजना नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा है कि उनके पास सभी विकल्प खुले हैं.
सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने नवरोज के अवसर पर ईरानी टेलीविजन पर पढ़े गए एक लिखित बयान में युद्ध के दौरान ईरानियों के दृढ़ संकल्प की प्रशंसा की. इजरायली हमलों में उनके पिता, अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई और कथित तौर पर वे घायल हो गए, जिसके बाद से खामेनेई को सर्वोच्च नेता बनने के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है.
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