- डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के खिलाफ 3 सप्ताह से चल रहे सैन्य अभियानों को कम करने पर विचार कर रहे हैं.
- ट्रंप ने अमेरिका के लक्ष्यों में ईरान की मिसाइल क्षमता और रक्षा उद्योग को पूरी तरह नष्ट करना शामिल बताया है.
- साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने मध्य पूर्व सहयोगी देशों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही है.
ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका के बीच हमले लगातार जारी हैं, लेकिन इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध को लेकर बड़ा संकेत दिया है. ट्रंप ने कहा है कि वह ईरान के खिलाफ करीब तीन सप्ताह से चल रहे सैन्य अभियानों को कम करने पर विचार कर रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका इस युद्ध में अपने तय किए गए लक्ष्यों के काफी करीब पहुंच चुका है. डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है. सबसे अहम वैश्विक तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी प्रभावी रूप से बंद है और हजारों अमेरिकी मरीन सैनिकों की मध्य पूर्व की ओर तैनाती जारी है. इसके बावजूद ट्रंप का यह बयान युद्ध समाप्ति की दिशा में अब तक का उनका सबसे मजबूत संकेत माना जा रहा है.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल' पर लिखा कि ईरान के 'आतंकी शासन' को लेकर अमेरिका अपने व्यापक सैन्य प्रयासों को समाप्त करने पर विचार कर रहा है और वह अपने उद्देश्यों को हासिल करने के बेहद करीब है. उन्होंने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता और लॉन्चर्स को पूरी तरह नष्ट करना, उसके रक्षा औद्योगिक आधार को तबाह करना, उसकी नौसेना और वायुसेना को खत्म करना और ईरान को कभी भी परमाणु क्षमता के करीब न पहुंचने देना है.
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने ट्रूथ सोशल पर गिनाए 5 उद्देश्य
- ईरान की मिसाइल क्षमता, लॉन्चर और उनसे संबंधित हर चीज को पूरी तरह से नष्ट करना.
- ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार को नष्ट करना।
- ईरान की नौसेना और वायु सेना के साथ विमानरोधी हथियारों को समाप्त करना.
- ईरान को परमाणु क्षमता के करीब न पहुंचने देना और हमेशा ऐसी स्थिति में रहना जहां अमेरिका ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर तुरंत और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दे सके.
- इजरायल, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत और अन्य सहित अपने मध्य पूर्वी सहयोगियों की सर्वोच्च स्तर पर सुरक्षा करना.
मध्य-पूर्व के सहयोगियों की सुरक्षा को प्राथमिकता: ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका अपने मध्य पूर्वी सहयोगियों इजरायल, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत और अन्य देशों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहेगा. इसके साथ ही ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी कड़ा संदेश दिया. उन्होंने कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा और निगरानी उन देशों को करनी चाहिए, जो इसका इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि अमेरिका स्वयं इसका उपयोग नहीं करता है.
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डोनाल्ड ट्रंप के बयान से मिल रहे हैं ये संकेत
ट्रंप ने यह भी साफ किया कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका इन देशों की मदद करेगा, लेकिन ईरान का खतरा खत्म होने के बाद इसकी आवश्यकता नहीं होनी चाहिए. उनके मुताबिक, यह इन देशों के लिए एक आसान सैन्य अभियान होगा. ट्रंप के इस बयान ने संकेत दे दिए हैं कि अमेरिका मध्य पूर्व में लंबे सैन्य टकराव से बाहर निकलने की दिशा में रणनीतिक कदम उठा सकता है.














