- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची जिनेवा पहुंचे और आईएईए प्रमुख राफेल ग्रॉसी से तकनीकी बातचीत की
- आईएईए चाहता है कि ईरान हाईली एनरिच्ड यूरेनियम के स्टॉक की जानकारी दे और इंस्पेक्शन पुनः शुरू करे
- ईरान के उपविदेश मंत्री ने अमेरिका से गंभीरता दिखाने और युद्ध से बचने की चेतावनी दी है
अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत होने वाली है. इसके लिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची जिनेवा पहुंचे हैं. जिनेवा पहुंचने के बाद अराघची ने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी से मुलाकात की. इस मुलाकात की जानकारी खुद आईएईए प्रमुख ने दी. मुलाकात की तस्वीरें साझा कर राफेल ग्रॉसी ने लिखा, "जिनेवा में होने वाली जरूरी बातचीत की तैयारी के लिए ईरान के विदेश मंत्री अराघची के साथ अभी-अभी गहरी तकनीकी बातचीत पूरी की."
अराघची ने दी जानकारी
मुलाकात से पहले अराघची ने एक्स पर लिखा, "न्यूक्लियर एक्सपर्ट्स के साथ, मैं सोमवार को राफेल ग्रॉसी से गहरी टेक्निकल चर्चा के लिए मिलूंगा. मंगलवार को अमेरिका के साथ डिप्लोमेसी से पहले बदर अलबुसैदी से भी मिलूंगा. मैं एक सही और बराबर डील करने के लिए असली आइडिया के साथ जिनेवा में हूं."
आईएईए क्या चाहता है
आईएईए महीनों से ईरान से कह रहा है कि वह बताए कि जून में इजरायली-अमेरिकी हमलों के बाद उसके 440 किलोग्राम (970 पाउंड) हाईली एनरिच्ड यूरेनियम के स्टॉक का क्या हुआ और इंस्पेक्शन पूरी तरह से फिर से शुरू करने दे, जिसमें उन तीन खास जगहों पर इंस्पेक्शन शामिल हैं, जिन पर बमबारी हुई थी, नतांज, फोर्डो और इस्फहान.
धमकी के साथ बातचीत
ईरान के उपविदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा है कि अमेरिका को तेहरान के साथ समझौता करने को लेकर अपनी गंभीरता दिखानी चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि युद्ध सबके लिए बुरा होगा. एक इंटरव्यू में, तख्त-रवांची ने कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच हाल के संपर्कों, जिसमें ओमान में अप्रत्यक्ष बातचीत भी शामिल है, से पता चला है कि यूएस शांति से मुद्दों को सुलझाने की कोशिश कर रहा है. अब गेंद अमेरिका के पाले में है कि वह साबित करे कि वह एक समझौता करना चाहता है. अगर अमेरिका ईमानदार है, तो मुझे यकीन है कि हम एक समझौते की राह पर होंगे.
अमेरिका क्या चाहता है
व्हाइट हाउस ने शनिवार को ही पुष्टि की कि वाशिंगटन ने मिडिल ईस्ट के दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर को बातचीत के लिए भेजा है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो कह चुके हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप बातचीत चाहते हैं, लेकिन सभी विकल्प खुले हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को ऐलान किया कि दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत 'यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड' कैरिबियन से मध्य पूर्व भेजा जा रहा है. ट्रंप लगातार कह रहे हैं कि ईरान में सत्ता परिवर्तन सबसे अच्छी बात होगी.
ओबामा ने एलियंस को देखा है? US राष्ट्रपतियों के एलियन से संपर्क की बात पर जानिए क्या बोले
वसीम अकरम-वकार यूनुस ने इमरान खान पर दिया बयान तो पाकिस्तानी सरकार ने चली दूसरी चाल













