- नेपाल में बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद दो मंत्रियों ने इस्तीफा देकर सरकार की छवि प्रभावित की है
- गृह मंत्री सूदन गुरुंग पर संपत्ति छुपाने और मनी लांड्रिंग के आरोप लगने के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया है
- सूदन गुरुंग ने नैतिकता को महत्व देते हुए पद से इस्तीफा देकर निष्पक्ष जांच की अपील की है
नेपाल ने पिछले साल GEN-Z क्रांति देखी. ऐसी क्रांति जिसमें नेपाल की राजनैतिक व्यवस्था बदलकर रख दी. ऐसी क्रांति जिसकी आग में झुलसने के बाद नेपाल की जनता ने इस आस में नई सरकार चुनी कि अब नेपाल में सब ठीक हो जाएगा. लेकिन बीते एक महीनों में जो हुआ, उससे एक सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या नेपाल में सब ठीक चल रहा है? दरअसल नेपाल में बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के बाद बीते 26 दिनों के दो मंत्री इस्तीफ़ा दे चुके हैं. इसके अलावा भारत की सीमा से सटे इलाक़ों में लोगों से कस्टम लिए जाने को लेकर भी नेपाली जनता बालेन सरकार से नाराज़ दिखाई दे रही है. बालेन सरकार के युवा मंत्रियों को लेकर उठ रहे विवादों और सीमा पर जनता के रोष की वजह से नेपाल सरकार को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
नेपाल के गृह मंत्री सूदन गुरुंग ने सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की घोषणा की है. उन पर अपनी संपत्ति छुपाने का आरोप है. उन्होंने अपने चुनावी हलफ़नामे में अपनी जिन संपत्तियों का ज़िक्र किया, उनके मंत्री बनने के बाद आरोप लगे कि वो असल संपत्ति से कम करके दिखाई गई है. आरोप है कि सूदन गुरुंग ने करोड़ों रुपए के शेयर की जानकारी छुपाई. इसके अलावा मनी लांड्रिंग के आरोपों के साथ उनके आर्थिक लेनदेन की ख़बरों से भी उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा.
इस्तीफ़े वाली पोस्ट में सूदन गुरुंग ने लिखा है कि पिछले कुछ दिनों से मेरे शेयर सहित विभिन्न विषयों पर प्रश्न उठाये गए और टिप्पणियाँ की गईं. इनको मैंने गंभीरता से लिया है. मेरे लिए पद से बड़ा विषय नैतिकता है. जनविश्वास से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती. इसलिए, मुझसे संबंधित विषय में निष्पक्ष जांच हो और पद पर रहते हुए किसी प्रकार का कॉन्फ्लिक्ट और इंटरेस्ट न दिखे और उस पर कोई प्रभाव न पड़े, इस उद्देश्य से मैंने आज गृह मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है.
मैंने अपनी ओर से नैतिक जिम्मेदारी निभाई है. अब मेरी अपील है कि प्रिय पत्रकार मित्रों, समस्त नेपाली भाई-बहनों और युवाओं से यदि हम सच में परिवर्तन चाहते हैं, तो सत्य, ईमानदारी और आत्मशुद्धि के मार्ग पर हम सबको खड़ा होना ही होगा. कुछ मीडियाकर्मी साथियों के कहां-कहां स्वीट शेयर हैं, वह धीरे-धीरे सामने आएगा, रामराज्य की कामना रखने वालों को त्याग और नैतिक साहस भी दिखाना होगा.
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