मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच ईरान ने भारत से कूटनीतिक संपर्क बढ़ा दिया है. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार शाम को बताया कि ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का उनके पास फोन आया था. इस दौरान दोनों के बीच लंबी और डिटेल्ड बातचीत हुई.
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि इस फोन कॉल के दौरान अन्य मुद्दों के अलावा पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर भी चर्चा हुई. दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि बदलते हालात को देखते हुए वे एक-दूसरे के निरंतर संपर्क में रहेंगे.
नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास की तरफ से बताया गया कि चर्चा का फोकस अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर से जुड़े ताजा घटनाक्रम रहे. इसके अलावा द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार विमर्श किया गया.
जयशंकर को अराघची का फोन ऐसे समय आया है, जब वह हाल ही में तीन देशों की यात्रा करके लौटे हैं. पाकिस्तान, ओमान और रूस के दौरे पर उन्होंने अमेरिका से चल रहे तनाव को लेकर बातचीत की थी. अराघची ने रूस में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात की थी. रूस ने कहा था कि शांति बहाली की कोशिशों को वह अपना समर्थन देने को तैयार है.
पश्चिम एशिया में गहराए संकट के दौरान भारत हमेशा संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाने पर जोर देता रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान से दो बार फोन पर बातचीत कर चुके हैं. पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई थी और बुनियादी ढांचे पर हमले न करने और समुद्री व्यापार मार्गों से आवाजाही पर जोर दिया था.
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