लेबनान पर इजरायल के भीषण हमलों के बाद ईरान सीजफायर से पलट गया है. फिर से बढ़े तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कहा है कि अमेरिका-ईरान के बीच संघर्षविराम में लेबनान शामिल नहीं है. अगर जरूरत पड़ी तो इजरायल फिर से जंग में उतरने के लिए तैयार है. हमारी उंगली ट्रिगर पर है.
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब इजरायल के ताजा हमलों में लेबनान में मरने वालों की संख्या 254 से अधिक हो चुकी है. नेतन्याहू ने सीजफायर के बाद अपने पहले बयान में कहा कि इजरायली डिफेंस फोर्स लेबनान में हिज्बुल्ला के ठिकानों पर हमले जारी रखेगी. बुधवार को जो हमले किए गए हैं, उनमें हिज्बुल्ला के कई टॉप कमांडरों को मार गिराने में सफलता मिली है.
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर युद्ध का अंत नहीं है. यह सिर्फ इजरायल के उद्देश्य पूरा करने का पहल स्टेप है. ईरान से जंग में इजरायल को भारी सफलता मिली है. ईरान काफी कमजोर हो चुका है. इसी स्थिति में वह 10 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता में हिस्सा लेने का तैयार हुआ है.
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नेतन्याहू भले ही ईरान के इस्लामाबाद वार्ता में हिस्सा लेने की बात कह रहे हों, लेकिन ईरान ने साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता में तभी हिस्सा लेगा, जब लेबनान में भी युद्धविराम लागू किया जाएगा और वहां हमले नहीं होंगे.
नेतन्याहू ने अपने संबोधन में ट्रंप की भी तारीफ की और उन्हें बहुत अच्छा दोस्त बताया. इजरायली पीएम ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप से उनकी दोस्ती बहुत मजबूत है. हमारे बीच अच्छा सहयोग है.
बता दें कि अमेरिका के सीजफायर के ऐलान के कुछ घंटों बाद ही इजरायल ने लेबनान में भीषण हमले किए थे. इन्हें अब तक का सबसे बड़ा हमला बताा जा रहा है. इस दौरान महज 10 मिनट के अंदर ही हिज्बुल्लाह के 100 से अधिक ठिकानों पर 160 बम गिराए गए थे.
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लेबनान के सिविल डिफेंस के मुताबिक, इजरायल के इन हमलों में 1,165 लोग घायल हुए हैं. सबसे भीषण हमला राजधानी बेरूत में हुआ है, जहां 92 लोगों की जानें गई हैं और 742 लोग घायल हुए हैं. बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में भी 61 लोगों की मौत और 200 लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है.
उन्होंने बताया कि लेबनान के अन्य हिस्सों में भी हमलों के बाद स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है. नाबातियाह में 28, टायर और एली डिस्ट्रिक्ट में 17-17 जबकि बालबेक में 18 लोगों की मौत हुई है. सिडोन और हर्मेल जैसे इलाकों में भी इजरायली बमबारी में दर्जनों नागरिकों को शिकार बनाया गया है.














