- मिडिल ईस्ट के हॉर्मुज स्ट्रेट में जंग के कारण करीब 40 जहाज इंजन बंद करके खड़े हैं और आगे बढ़ नहीं पा रहे हैं
- जहाजों को सुरक्षित गुजरने के लिए ईरान की अनुमति का इंतजार करना पड़ रहा है जो अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य के बीच एक मिसाइल लॉन्च की गई जिसका मिशन पूरा हो चुका है और सैन्य नियंत्रण सुनिश्चित करना था
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक हॉर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) बंद है. यहां ईरान का कंट्रोल है. दो ईरानी पत्रकार हॉर्मुज के बीचों-बीच पहुंचे. जंग शुरू होने के बाद पहली बार हॉर्मुज के इतने करीब से तस्वीर सामने आई हैं. होर्मुज में जहाज खड़े दिख रहे हैं. रिपोर्टर ने ये भी खुलासा किया कि समुद्र के बीच खड़े इन जहाजों के इंजन भी बंद हैं, ऐसा होना सामान्य नहीं होता.
'इंजन बंद करके खड़े हैं कई जहाज'
हॉर्मुज स्ट्रेट तक नाव से पहुंचे इन ईरानी पत्रकारों ने बताया कि स्ट्रेट के बीचों-बीच इस वक्त करीब 40 व्यापारिक जहाज मौजूद हैं. तनाव इतना ज्यादा है कि इन सभी जहाजों ने अपने इंजन बंद कर दिए हैं. ये जहाज आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं हैं और अंतरराष्ट्रीय नियमों के बावजूद, फिलहाल इन्हें वहां से सुरक्षित गुजरने के लिए ईरान की अनुमति का इंतजार करना पड़ रहा है.
लॉन्च की गई मिसाइल का मिशन पूरा
पत्रकारों ने अपनी रिपोर्ट में एक बेहद संवेदनशील नजारे की ओर इशारा किया. जलडमरूमध्य के ठीक बीच में एक मिसाइल देखी गई, जिसे वहीं से लॉन्च किया गया था. उन्होंने बताया कि इस मिसाइल का मिशन अब समाप्त हो चुका है. इस कार्रवाई का उद्देश्य जलडमरूमध्य से गुजरने वाले रास्ते को 'साफ' करना था, ताकि सैन्य और सामरिक कंट्रोल सुनिश्चित किया जा सके.
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'हॉर्मुज स्ट्रेट से भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग देना दोस्ती का प्रमाण'
ईरान के महावाणिज्य दूत सईद रजा मोसायब मोतलघ ने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट के जरिए भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने का तेहरान का फैसला नई दिल्ली के साथ उसकी लंबे समय से चली आ रही दोस्ती को दर्शाता है. आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में मोतलघ ने कहा कि ईरान लंबे समय से भारत का मित्र और साझेदार रहा है और तेहरान के अधिकारी मौजूदा संघर्ष के बीच भारत में गैस की कमी की स्थिति को लेकर चिंतित थे.
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