- ईरान की राजधानी तेहरान में लगातार तीसरे दिन 3 यूनिवर्सिटीज में छात्रों ने सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए
- प्रदर्शन के दौरान छात्रों और अर्धसैनिक बल बसिज के बीच झड़पें हुईं, खासकर शरीफ यूनिवर्सिटी में धक्का-मुक्की हुई
- तेहरान यूनिवर्सिटी में छात्रों ने "औरत, जिंदगी, आजादी" के नारे लगाए और सुप्रीम लीडर को हटाने की मांग की
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की सरकार के लिए परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है. एक तरफ तो अमेरिकी राष्ट्रपति मीडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाते जा रहे हैं और किसी भी वक्त हमला करने की धमकी दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान के अंदर छात्रों ने फिर से बगावत कर दी है. ईरान की राजधानी तेहरान में सोमवार, 23 फरवरी को लगातार तीसरे दिन कई यूनिवर्सिटीज में छात्रों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किए. सोशल मीडिया पर इस विरोध प्रदर्शन के वीडियो वायरल होने लगे हैं.
यह प्रदर्शन बीते विकेंड में शुरू हुए थे. सोमवार को कम से कम तीन यूनिवर्सिटी में विरोध हुआ. AP की रिपोर्ट के अनुसार कुछ जगहों पर छात्रों और ईरान के अर्धसैनिक बल बसिज के बीच झड़प भी हुई.
शरीफ यूनिवर्सिटी
शरीफ यूनिवर्सिटी में छात्र दोपहर में कैंटीन के बाहर इकट्ठा हुए. उन्होंने मास्क पहनकर नारे लगाए और ताली बजाई. कुछ छात्रों ने पुराने शाही झंडे को भी दिखाया और निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी के समर्थन में नारे लगाए. यहां बसिज के कर्मियों और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की हुई, जबकि यूनिवर्सिटी के गार्ड बीच-बचाव करते रहे. अर्धसैनिक बल बसिज ने ईरान के अंदर सालों से आम लोगों की असहमति को खत्म करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
शरीफ यूनिवर्सिटी में विरोध-प्रदर्शन करते स्टूडेंट
तेहरान यूनिवर्सिटी
सोमवार को तेहरान यूनिवर्सिटी में पिछले प्रदर्शन के दौरान मारे गए छात्रों की याद में एक कार्यक्रम हुआ. इस कार्यक्रम के दौरान भी प्रदर्शन हुआ. एपी की रिपोर्ट के अनुसार एक छात्र ने बताया कि यहां छात्रों ने “औरत, जिंदगी, आजादी” के नारे लगाए और सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को हटाने की मांग की. रिपोर्ट के अनुसार छात्र ने कहा कि जब बसिज के कर्मियों से झड़प हो रही थी तब यूनिवर्सिटी के गार्डों ने हस्तक्षेप नहीं किया.
अल जहरा यूनिवर्सिटी
अल जहरा यूनिवर्सिटी केवल छात्राओं (फीमेल स्टूडेंट्स) की यूनिवर्सिटी है. यहां सोमवार को छात्राओं ने बढ़चढ़ कर प्रदर्शन किया और पहलवी के समर्थन में नारे लगाए.
अल जहरा यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन करती छात्राएं (वीडियो ग्रैब)
क्या ईरान में खामेनेई का डर कम हो रहा?
यह विरोध प्रदर्शन ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच हो रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब ईरान पर परमाणु समझौता करने के लिए दबाव बना रहे हैं. उन्होंने बातचीत करते समय मिडिल ईस्ट में सैन्य बल और दबाव बनाया है. गुरुवार को जिनेवा में अगले दौर की बातचीत होनी है. डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो "वास्तव में बुरी चीजें होंगी". वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोमवार को कहा कि ईरान किसी भी हमले का "कठोर" जवाब देगा.
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, हाल के प्रदर्शनों और सरकारी कार्रवाई में कम से कम 7,015 लोग मारे गए थे, जिनमें 214 सरकारी बलों के सदस्य भी शामिल हैं. ईरान सरकार ने 21 जनवरी को कहा था कि 3,117 लोगों की मौत हुई है. पहले भी सरकार पर मौतों की संख्या कम बताने का आरोप लगता रहा है. ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) ईरान में मानवाधिकारों के उल्लंघन की रिपोर्टिंग करने वाला एक प्रमुख गैर-लाभकारी, गैर-सरकारी संगठन और समाचार एजेंसी है.













