- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने MSC‑FRANCESCA और EPAMINODES नाम के दो जहाजों को कब्जे में लेने का दावा
- ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों पर फायरिंग की, जिनमें एक ग्रीक जहाज Euphoria भी शामिल है
- ब्रिटिश सेना के अनुसार, फायरिंग बिना चेतावनी के IRGC गनबोट द्वारा की गई, जिसमें कोई हताहत नहीं हुआ है
ईरान संकट के बीच हॉर्मुज में तनाव और बढ़ गया है. ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) नेवी ने दावा किया है कि उसने MSC‑FRANCESCA और EPAMINODES नाम के दो जहाजों को जब्त किया है. एपी की रिपोर्ट्स के मुताबिक ये भी कहा गया कि ईरान ने तीन जहाजों पर फायरिंग भी की. IRGC नेवी के मुताबिक, दो जहाज़ों पर नेविगेशन सिस्टम में हेरफेर करने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप है. इसके अलावा, एक ग्रीक जहाज ‘Euphoria' को भी ईरानी जलक्षेत्र में निशाना बनाए जाने की बात कही गई है, जो फिलहाल ईरान के तट के पास फंसा हुआ बताया जा रहा है.
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होर्मुज में तीन जहाजों पर की गई फायरिंग
ब्रिटिश सेना के यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर (UKMTO) के मुताबिक, बुधवार सुबह होर्मुज में पहले एक कंटेनर जहाज पर ईरान ने फायरिंग की और कुछ देर बाद दूसरे जहाज़ को भी निशाना बनाया गया. बाद में ईरानी सरकारी टेलीविजन ने कहा कि इन जहाजों को IRGC की निगरानी में लेकर ईरान ले जाया जा रहा है. इनकी पहचान MSC Francesca और Epaminondas के रूप में की गई. इसके बाद, ईरान की समाचार एजेंसियों नूर न्यूज़, फ़ार्स और मेहर ने बताया कि IRGC ने एक तीसरे जहाज़ ‘Euphoria' पर भी हमला किया है. रिपोर्ट्स के अनुसार, यह जहाज ईरानी तट के पास फंसा हुआ बताया गया है, हालांकि इस पर ज्यादा जानकारी नहीं दी गई.
मध्य पूर्व में 30 से ज्यादा जहाज़ों पर हमले
UKMTO ने कहा कि पहले जहाज पर हमला एक IRGC गनबोट द्वारा किया गया, जिसने फायरिंग से पहले जहाज को चेतावनी भी नहीं दी. एजेंसी के मुताबिक, इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ. वहीं, ईरानी समाचार एजेंसी नूर न्यूज ने दावा किया कि फायरिंग तब की गई जब जहाज ने ईरानी सशस्त्र बलों की चेतावनियों को नजरअंदाज किया. फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने इसे होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान द्वारा अपने नियंत्रण को “कानूनी रूप से लागू करने” की कार्रवाई बताया. रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों के बाद शुरू हुए इस युद्ध के बाद से मध्य पूर्व में 30 से ज्यादा जहाज़ों पर हमले हो चुके हैं.
IRGC नेवी ने जहाजों को कब्जे में लेने की पुष्टि की
IRGC नेवी का कहना है कि ये कार्रवाइयां समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई हैं. इसी बीच, कंटेनर शिप MSC FRANCESCA की लोकेशन ओमान की खाड़ी (Oman Gulf) में बताई जा रही है, जिसकी जानकारी 18 मिनट पहले अपडेट की गई. आपको बता दें कि यह एक कंटेनर जहाज़ है, जिसका IMO नंबर 9401116 है और यह पनामा के झंडे के तहत संचालन कर रहा है. इस जहाज की कुल लंबाई 363.57 मीटर और चौड़ाई 45.66 मीटर बताई गई है.
होर्मुज में आने वाले जहाजों को IRGC की चेतावनी
IRGC ने एक बार फिर से यह भी चेतावनी भी दी कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में इस्लामिक रिपब्लिक द्वारा तय नियमों का उल्लंघन या सुरक्षित समुद्री आवागमन के खिलाफ कोई भी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी. साथ ही ईरान का कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में प्रवेश या बाहर निकलने के लिए जहाज़ों को अनुमति लेना बेहद ही जरूरी है. हॉर्मुज जलडमरूमध्य शांति के समय दुनिया के तेल और गैस निर्यात के एक बड़े हिस्से के लिए अहम समुद्री मार्ग माना जाता है.
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होर्मुज से दुनियाभर में तेल और गैस सप्लाई पर संकट
ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ही होर्मुज में आवाजाही में दिक्कतें आ रही है. जिसकी वजह से दुनियाभर में तेल और गैस संकट खड़ा हो गया है. हालांकि दुनिया के ज्यादातर देश होर्मुज स्ट्रेट को खोलने पर जोर दे रहे हैं. लेकिन अमेरिका और ईरान में बातचीत के नतीजे अभी तक शांति वार्ता के अंतिम पड़ाव पर नहीं पहुंच पा रहे हैं. जिस वजह से अभी होर्मुज में कई देशों के जहाज फंसे हुए हैं. होर्मुज स्ट्रेट इसलिए खास है क्योंकि यहां से दुनिया का 20 फीसद फ्यूल सप्लाई होता है.
(एपी इनपुट्स के साथ)














