NDTV Exclusive: 60 वाला चावल 250 का हो गया! ईरान की महिला ने बता दिया क्यों विद्रोह कर रही जनता?

Iran Protests: कई ईरानी शहरों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई है, जिसमें कम से कम 7 लोगों के मारे जाने की खबर है. ईरान की महिला ने NDTV को बताया कि जनता विद्रोह पर क्यों उतर आई है.

विज्ञापन
Read Time: 5 mins
Iran Protests Explained: ईरान में फिर भड़का जनता का विद्रोह
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • ईरान में महंगाई, गिरती करेंसी और बढ़ती जीवन-लागत के खिलाफ जनता सड़कों पर तानाशाही के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है
  • चावल की कीमत चार गुना बढ़कर 0.6 डॉलर से 2.5 डॉलर प्रति किलो हो गई है, जिससे आम जनता त्रस्त है
  • औसत मासिक वेतन 111 डॉलर है, जो मकान के किराये में ही खत्म हो जाता है, बाकी खर्च के लिए कुछ बचता नहीं
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

Iran Protests: ईरान में महंगाई से त्रस्त जनता सड़क पर उतर चुकी है. देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और उनकी फौज से बिना डरे कह रही है कि बहुत हो गया. जनता सड़क पर तानाशाही मुर्दाबाद के नारे लगा रही है. जवाब में इस्लामी गणतंत्र की सरकार अपनी फौज का इस्तेमाल कर रही है. प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों की झड़प में अबतक 7 लोगों की मौत भी हो चुकी है. ऐसे में सबके जेहन में सवाल उठ रहा है कि आखिर ईरान की जनता के सामने ऐसी कौन सी आर्थिक कठिनाई आने लगी है कि वो इस सख्त सरकार के सामने भी नहीं डर रही है, जो हर दूसरे दिन लोगों को फांसी पर चढ़ा देती है. यही जानने के लिए NDTV ने ईरान की एक महिला से बात की और उनकी परेशानी, विवशता को समझने की कोशिश की. 

"0.6 डॉलर वाला चावल 2.5 डॉलर में बिक रहा"

पहले यह बात जान लीजिए कि ये विरोध- प्रदर्शन महंगाई, ईरानी करेंसी रियाल की गिरती कीमत और बढ़ती जीवन-लागत के खिलाफ शुरू हुए थे. अब इसने व्यापक असंतोष का रूप ले लिया है. NDTV ने ईरान की स्थानीय निवासी रोजी (बदला हुआ नाम) से बात की, जिन्होंने अपनी पहचान छिपाने के लिए पूरा नाम न बताने की अपील की. रोजी का कहना है कि ईरान की जनता महंगाई से पूरी तरह त्रस्त हो चुकी है. पहले जिस एक किलो चावल की कीमत 0.6 डॉलर प्रति किलो थी, वो अब चार गुना से अधिक बढ़कर 2.5 डॉलर प्रति किलो तक पहुंच गया है. इसे आप ऐसे समझिए कि पहले ईरान में जो चावल 60 रुपए प्रति किलो का मिल रहा था, आज वही चावल 250 प्रति किलो का बिक रहा है.

रोजी का कहना है कि ईरान के शहरों में मकान का किराया ही इतना हो गया है कि पता नहीं चल रहा है कि बाकी का खर्च कैसे उठाया जाए. उन्होंने बताया कि यहां के एक आम इंसान का औसत वेतन हर महीने 111 डॉलर है तो उसे हर महीने अपने मकान के लिए किराया के रुप में भी 111 डॉलर देने पड़ रहे हैं. यानी पूरी कमाई तो किराया चुकाने में चला जा रहा है. बाकी खर्चों के लिए कुछ नहीं बचता.

बीमार होना गरीब बना देता है!

रोजी का कहना है कि ईरान में किसी डॉक्टर के पास जाने पर सिर्फ फीस के रूप में 7.5 डॉलर देना पड़ता है. यह दवाओं की लागत के बिना का खर्चा है. दवाओं की कीमत तो इससे दो से तीन गुना अधिक है. इसकी वजह है कि अमेरिका ने परमाणु प्रयोगों के लिए ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं और उसके कारण वहां दवाएं बहुत महंगी हैं.

कुल मिलाकर ईरान में वेतन बहुत कम है, लेकिन वेतन की तुलना में जीवन यापन का खर्च बहुत अधिक है. जिन लोगों के कई बच्चे हैं, वे उनका खर्चा नहीं उठा पा रहे हैं. अगर बेसिक जरूरतों का हाल यह है तो शौक की बात तो छोड़ ही दीजिए. रोजी का कहना है कि आज ईरान में एक ग्राम सोने की कीमत 108 डॉलर है. जबकि पिछले सप्ताह सोने और डॉलर की कीमतों में हर पल और हर घंटे उतार-चढ़ाव होता रहा और ये लगातार बढ़ती रहीं.

सवाल है कि आखिर ईरान के लोग क्या चाहते हैं. इसपर रोजी ने कहा है कि मैं लोगों की ही बात कर रही हूं. यहां के लोग चाहते हैं कि कीमतें कम हों ताकि वे भी दुनिया के बाकी लोगों की तरह रह सकें.

Advertisement

ईरान में 40 प्रतिशत से अधिक महंगाई दर

ईरान की अर्थव्यवस्था पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण भारी दबाव में है. तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के नेतृत्व में यह प्रतिबंध लगाए गए हैं. जून में इजरायल ने ईरान पर हमला किया था जिसके बाद दोनों के बीच 12 दिनों की जंग हुई थी. युद्ध के दौरान अमेरिका ने भी ईरानी परमाणु स्थलों पर भी बमबारी की. इस जंग के बाद ईरान की इकनॉमी उबरी नहीं है और वहां के नेता अभी भी सहमे हुए हैं.  

ईरानी रियाल ने 2025 में डॉलर के मुकाबले अपना लगभग आधा मूल्य खो दिया है. 1 डॉलर की कीमत अब लगभग 14 लाख रियाल है. दिसंबर में महंगाई दर 42.5% तक पहुंच गई है. ऐसे में जनता मजबूर होकर बागी हो गई है. सरकार ने हालात संभालने के लिए व्यापारियों और ट्रेड यूनियनों से देशभर में प्रदर्शन रोकने की अपील की है.

Advertisement

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने प्रदर्शनकारियों की "वैध मांगों" को स्वीकार करते हुए तनाव को शांत करने की कोशिश की है, और उन्होंने गुरुवार को सरकार से आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए कार्रवाई करने का आग्रह किया है. हालांकि, दूसरी तरफ ईरानी सरकार सख्ती दिखा रही है. 7 लोगों की मौत इसकी गवाही दे रही है.

यह भी पढ़ें: ईरान में जनता ने क्यों किया विद्रोह? 'तानाशाही मुर्दाबाद' के नारे के बीच सुप्रीम लीडर ने उतारी फौज- 5 सवाल

Advertisement
Featured Video Of The Day
Avimukteshwaranand का विरोध जारी, आज भी नहीं करेंगे स्नान |Magh Mela |Shankaracharya|Basant Panchami
Topics mentioned in this article