- ईरान में पिछले 15 दिनों से विरोध-प्रदर्शन जारी हैं, जिसमें अब तक 544 से अधिक लोगों की मौत हुई है.
- पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट की वजह से वहां की वास्तविक स्थिति सही ढंग से सामने नहीं आ पा रही है.
- इस बीच ट्रंप ने कहा कि ईरान ने उनसे बातचीत का प्रस्ताव रखा है, लेकिन पहले कार्रवाई भी हो सकती है.
Iran Protests: ईरान में बीते 15 दिनों से जारी विरोध-प्रदर्शन में 544 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. पूरे देश में इंटरनेट ब्लैकआउट है. ऐसे में वहां की जमीनी हकीकत सही तरीके से सामने नहीं आ पा रही है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरान ने उनके हमले की धमकी के बाद बातचीत का प्रस्ताव रखा है. प्रदर्शनकारियों पर जारी दमन के चलते सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है. ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन तेहरान के साथ बैठक आयोजित करने के लिए बातचीत कर रहा है, लेकिन उन्होंने चेतावनी भी दी कि बढ़ती मौतों की खबरों और सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी जारी रहने के मद्देनजर उन्हें पहले कार्रवाई करनी पड़ सकती है.
ईरान ने फोन किया है, वे बातचीत करना चाहते हैंः ट्रंप
ट्रंप ने एयर फ़ोर्स वन में पत्रकारों से कहा, “बैठक की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन बैठक से पहले जो हो रहा है, उसके कारण हमें कार्रवाई करनी पड़ सकती है. लेकिन बैठक की व्यवस्था की जा रही है. ईरान ने फोन किया है, वे बातचीत करना चाहते हैं.” ईरान ने ट्रंप की टिप्पणियों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. उसने पहले ही चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए बल का प्रयोग करता है, तो अमेरिकी सेना और इज़राइल उसके निशाने पर होंगे.
ईरान विरोध-प्रदर्शन में अभी तक 544 लोगों की मौत
अमेरिकी स्थित मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी का कहना है कि ईरान में हो रहे विरोध-प्रदर्शन में अभी तक कम से कम 544 लोग मारे गए. जिसमें 496 प्रदर्शनकारी और सुरक्षा बल के 86 जवान शामिल है. एजेंसी ने बताया कि दो सप्ताह से चल रहे प्रदर्शनों के दौरान 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.
ईरान पहले ही विदेशी ताकतों को ठहरा चुका जिम्मेदार
ईरान में इंटरनेट और फोन लाइनें ठप होने के कारण विदेशों से प्रदर्शनों का जायजा लेना और भी मुश्किल हो गया है. ईरान सरकार ने अभी तक हताहतों की कुल संख्या जारी नहीं की है. डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. लेकिन ईरान पहले कई मौकों पर कह चुका है कि उसके देश में जो कुछ हो रहा है उसके पीछे विदेशी ताकतें शामिल है.
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