Iran Protest Updates: ईरान के विरोध प्रदर्शनों में अबतक कम से कम 5000 लोग मारे गए हैं
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- ईरान में दिसंबर से शुरू हुए प्रदर्शनों में कम से कम 5 हजार लोग मारे गए हैं, जिसमें 500 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं
- सुप्रीम लीडर खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक रूप से हजारों मौतों को स्वीकार किया, अमेरिका- इजरायल को दोषी ठहराया
- स्कूल खुल गए हैं, इंटरनेट सेवाएं भी कुछ समय के लिए चालू हुईं- विरोध प्रदर्शन धीमे पड़ने के संकेत दिख रहे हैं
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हमें बताएं।ईरान में जनता का हिंसक विद्रोह अब धीमा हो चुका है. ईरान में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने भी पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोग मारे गए हैं. ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि सुप्रीम लीडर पर कोई भी हमला ईरान के खिलाफ जंग मानी जाएगी. इस बीच ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ने कहा है मैं वापस ईरान लौटूंगा. आपको यहां 7 अपडेट के जरिए बताते हैं कि ईरान में अभी क्या चल रहा है.
- एक ईरानी अधिकारी ने रविवार को कहा कि ईरान में 28 दिसंबर को शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 5,000 लोग मारे गए हैं, जिनमें लगभग 500 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारी ने मौतों के वेरिफाई किए गए आंकड़ों का हवाला दिया और "आतंकवादियों और सशस्त्र दंगाइयों" पर "निर्दोष ईरानियों" की हत्या का आरोप लगाया.
- ईरान में जनता के विद्रोह के धीमें पड़ने के 4 संकेत मिल रहे हैं. AFP की रिपोर्ट के अनुसार एक मॉनिटर ने रविवार को कहा कि ईरान में इंटरनेट से बैन कुछ समय के लिए हटाया गया था और उसे फिर से बंद कर दिया गया. एक सप्ताह तक बंद रहने के बाद रविवार को स्कूल फिर से खुल गए. कुछ यूजर्स ने बताया कि ईरान में अब व्हाट्सऐप फिर से चल रहा है. आउटगोइंग अंतर्राष्ट्रीय कॉल मंगलवार से फिर से शुरू हो गई थी, और टेक्स्ट मैसेजिंग शनिवार को बहाल हो गई थी.
- सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि देश में हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोग मारे गए हैं. शनिवार को एक भाषण में, उन्होंने कहा कि "कई हजार" लोग मारे गए थे, और कहा कि कुछ को "अमानवीय, बर्बर तरीके से" मारा गया था. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया है कि खामेनेई ने हिंसा के लिए अमेरिका और इजरायल को दोषी ठहराया है. खामेनेई ने कहा, "इजरायल और अमेरिका से जुड़े लोगों ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया और कई हजार लोगों को मार डाला."
- ईरान में विद्रोहियों को वहां की सरकार माफ करने के मूड में नहीं है. रविवार को ईरान की न्यायपालिका के प्रवक्ता असगर जहांगीर ने दोहराया कि तेजी से सुनवाई की जाएगी. उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ अपराध अल्लाह के खिलाफ युद्ध छेड़ना जैसे गंभीर अपराध किए गए हैं. उन्होंने कहा, "उन सभी लोगों को, जिन्होंने हिंसा के इन आह्वानों में निर्णायक भूमिका निभाई, जिसके कारण खून बहा और सार्वजनिक संपत्तियों को बड़ा नुकसान हुआ, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा."
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने चेतावनी दी कि सुप्रीम लीडर अली खामेनेई पर किसी भी हमले को ईरान के खिलाफ "संपूर्ण युद्ध" की घोषणा माना जाएगा. दरअसल ट्रंप ने शनिवार को पोलिटिको से कहा था कि यह "ईरान में नए नेतृत्व की तलाश करने का समय" है. इसके बाद तनाव बढ़ गया है. मसूद पेजेशकियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रंप को जवाब दिया है.
- ईरान की विद्रोही जनता को लग रहा है कि ट्रंप ने उन्हें धोखा दे दिया है. जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि ईरान में प्रदर्शनकारियों के लिए "मदद आने वाली है", तो उन्होंने इस पर विश्वास किया. उनकी उम्मीदें तब और बढ़ गईं जब खबर आई कि कुछ अमेरिकी सैनिकों को मिडिल के सैन्य ठिकानों को छोड़ने के लिए कहा गया था, इस कदम को लड़ाई की तैयारी के रूप में देखा गया था. लेकिन अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपना रुख पलट दिया और कहा कि ईरान का शासन प्रदर्शनकारियों की फांसी रोकने पर सहमत हो गया है. ऐसे में प्रदर्शनकारियों को लग रहा है कि उनके साथ "विश्वासघात" हुआ है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार तेहरान के एक बिजनेसमैन ने कहा, " इन 15 हजार लोगों की मौत के लिए ट्रंप जिम्मेदार हैं, क्योंकि कई प्रदर्शनकारी तब सड़कों पर उतरे जब उन्होंने ट्रंप का वह पोस्ट देखा, जिसमें उन्होंने लिखा था कि अमेरिका पूरी तरह से तैयार है. अमेरिका ने ईरानियों को इस तरह धोखा देने के लिए कोई समझौता जरूर किया होगा."
- एक वीडियो जारी करके ईरान के निर्वासित राजकुमार रेजा पहलवी ने X पर कहा है कि ईरान में आज लड़ाई कब्जे और मुक्ति के बीच है. ईरानी लोगों ने मुझे नेतृत्व करने के लिए बुलाया है. मैं ईरान लौटूंगा.
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