ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के समर्थन में रैलियां, तेहरान में हजारों की संख्या में जुटे लोग

ईरान के नए सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मुजतबा खामेनेई के समर्थन में तेहरान में रैलियां निकाली जा रही हैं. तेहरान में हजारों की संख्या में लोग उनकी तस्वीरों और ईरानी झंडे के साथ रैली निकाल रहे हैं.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • ईरान ने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना है
  • मुजतबा खामेनेई का चुनाव असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने किया और देश के कई हिस्सों में उनके समर्थन में रैलियां हुईं
  • मुजतबा खामेनेई की उम्र 56 वर्ष है और उनका रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स के साथ करीबी रिश्ता माना जाता है
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
तेहरान:

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के लगभग एक हफ्ते बाद मुल्क ने अपना नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है. ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को चुना गया है. वह अयातुल्लाह अली खामेनेई के बेटे हैं. मुजतबा खामेनेई के सुप्रीम लीड चुने जाने के बाद सोमवार को राजधानी तेहरान के सेंट्रल चौक पर हजारों लोग इकट्ठा हुए हैं. 

तेहरान के एंगहेलाव स्क्वेयर पर हजारों की भीड़ हाथ में मुजतबा खामेनेई की तस्वीरों और ईरानी झंडे लेकर जुटी है. मुजतबा खामेनेई के समर्थन में नारेबाजी की जा रही है.

इससे पहले सुप्रीम लीडर को चुनने वाली असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने पिछले सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की शहादत को सलाम करने और नए सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह मुजतबा अली खामेनेई के स्वागत में लोगों से तेहरान के सेंट्रल चौक पर जुटने की अपील की थी. सिर्फ तेहरान ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में नए सुप्रीम लीडर के समर्थन में रैलियां निकाली जा रहीं हैं.

ईरानी राजनीति में ताकतवर हैं मुजतबा

सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए थे. 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल ने हमला किया था और तेहरान में उनके कंपाउंड पर बमबारी की थी. इन्हीं हमलों में उनकी मौत हो गई थी.

उनकी मौत के बाद मुजतबा को ही सुप्रीम लीडर का दावेदार माना जा रहा था. रविवार को असेंबली ऑफ एक्सपर्ट ने उनके नाम पर मुहर भी लगा दी. 56 साल के मुजतबा के ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के साथ करीबी रिश्ते हैं और कभी भी कोई राजनीतिक पद न संभालने के बावजूद ईरानी राजनीति में पर्दे के पीछे उनका बहुत असर है.

पिता से ज्यादा कट्टर माने जाते हैं मुजतबा

युद्ध शुरू होने के बाद मुजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं. उन्हें लंबे समय से अपने पिता के संभावित उत्तराधिकार के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, ईरानी सियासत में कुछ नेता ऐसे भी थे जो मुजतबा खामेनेई के विरोध में थे और उन्होंने खानदानी आधार पर उत्तराधिकार चुने जाने की आलोचना करते हुए इसकी तुलना 1979 की इस्लामिक क्रांति में उखाड़ फेंकी गई राजशाही से की थी. हालांकि, इसके बावजूद एक्सपर्ट असेंबली ने उन्हें नया सुप्रीम लीडर चुना.

Advertisement

मुजतबा खामेनेई को उनके पिता से ज्यादा कट्टर माना जाता है. अब वह ईरान की सेना और देश के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर भी किसी भी फैसले को कंट्रोल करेंगे. 

पिछले साल जून में 12 दिन तक चली जंग में ईरान की न्यूक्लियर साइट्स को भारी नुकसान हुआ था. हालांकि, ईरान के पास अभी भी बहुत ज्यादा एनरिच्ड यूरेनियम है और हथियार-ग्रेड लेवल से बस एक कदम दूर है. मुजतबा खामेनेई न्यूक्लियर हथियार बनाने का फैसला कर सकते हैं, जो उनके पिता ने कभी नहीं लिया.

Advertisement
Featured Video Of The Day
Israel का अगला Target Mojtaba Khamenei? ईरान के नए Supreme Leader की क्या है कहानी?