- अमेरिकी राष्ट्रपति ने माइकल सैवेज के वीडियो का टेक्स्ट पोस्ट किया था जिसमें भारत- चीन को नरक बताया गया था
- ईरान के मुंबई वाणिज्य दूतावास ने ट्रंप को सांस्कृतिक डिटॉक्स की सलाह देते हुए भारत की समृद्ध विरासत दिखाई
- ईरान ने ट्रंप से कहा है कि वे भारत आकर देश को देख लें, फिर बोलें
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नस्लवादी और एंटी-इंडिया पोस्ट करके विवादों में घिर गए हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कट्टरपंथी अमेरिकी लेखक और कमेंटेटर माइकल सैवेज के 3 हफ्ते पुराने वीडियो का टेक्स्ट पोस्ट किया है, जिसमें भारत और चीन जैसे देशों को हेल होल या नरक बताया गया है. भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से इसपर आपत्ति जताने के बाद अब ईरान ने भी ट्रंप को आईना दिखाया है. उनसे कहा है कि कभी आप भारत आकर देखो, फिर बोलना.
अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता मिलने के कानूनों से जुड़े इस पोस्ट में भारत और चीन को "नरक" बताया गया था. अब मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने महाराष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक और भौगोलिक विरासत का एक वीडियो शेयर किया और कहा कि ट्रंप को "सांस्कृतिक डिटॉक्स" की आवश्यकता है. डिटॉक्स का मतलब अपने अंदर से जहर (यहां भारत को लेकर गलत भावनाएं) निकालने से है.
ईरान वाणिज्य दूतावास ने पोस्ट में लिखा, "शायद किसी को मिस्टर ट्रंप के लिए एक सांस्कृतिक डिटॉक्स ट्रीप बुक करना चाहिए, इससे हो सकता है कि उनकी बेतरतीब बकवास कम हो जाए. कभी इंडिया आ के देखो, फिर बोलना."
ट्रंप को भारत का जवाब
भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस सोशल मीडिया पोस्ट को ‘‘अज्ञानतापूर्ण'' और ‘‘अनुचित'' बताया है. वैसे अमेरिकी दूतावास ने इन टिप्पणियों से हुए नुकसान की भरपाई करने की कोशिश करते हुए एक मैसेज जारी किया जिसमें कहा गया कि ट्रंप का मानना है कि भारत एक ‘महान' देश है जिसका नेतृत्व ‘उनके एक अच्छे मित्र' कर रहे हैं. लेकिन भारत का जवाब बाकी था. भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘‘हमने टिप्पणियां देखी हैं, साथ ही इसके जवाब में अमेरिकी दूतावास द्वारा जारी किया गया बयान भी देखा है.''
उन्होंने कहा, ‘‘ये टिप्पणियां स्पष्ट रूप से अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और अभद्र हैं. ये निश्चित रूप से भारत-अमेरिका संबंधों की वास्तविकता को नहीं दिखाते हैं, जो लंबे समय से आपसी सम्मान और साझा हितों पर आधारित रहे हैं.''
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