- ईरान ने दक्षिणी इजरायल के नियोत होवाव केमिकल हब पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है, जिससे भीषण आग लगी है.
- नियोत होवाव में लगी आग के कारण केमिकल रिसाव की आशंका ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है.
- दमकल और बचाव दल आग पर काबू पाने और क्षतिग्रस्त स्टोरेज यूनिट्स को सील करने में जुटे हुए हैं.
Iran Major Attack on Israel: ईरान ने इजरायल के प्रमुख केमिकल हब पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है. इससे वहां भीषण आग लग गई है. दक्षिणी इजरायल के नियोत होवाव औद्योगिक क्षेत्र में ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद लगी आग से केमिकल रिसाव की आशंका ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर ला दिया है. नियोत होवाव पर हुए इस हमले से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो भी सामने आए, जिसमें धूएं का भारी गुबार उठता नजर आ रहा है.
लोगों को घरों में रहने और खिड़कियां बंद रखने की सलाह
इजरायली मीडिया आउटलेट 'द टाइम्स ऑफ इजरायल' के अनुसार, दमकल और बचाव दल क्षतिग्रस्त स्टोरेज यूनिट्स को सील करने और स्थिति को काबू में लाने में जुटे हैं. राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है. आसपास के लोगों को घरों में रहने और खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी गई है.
कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए हैं जिसमें काले धुंए का गुबार आसमान की ओर जाता देखा जा सकता है. इस बीच आईडीएफ ने भी लोगों को वर्तमान हालात को देखते हुए सावधानी बरतने और बाहर न निकलने की सलाह दी है.
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. दोनों देशों के बीच लंबे समय से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष टकराव चलता रहा है, जिसमें सीरिया, लेबनान और गाजा जैसे क्षेत्र अहम भूमिका निभाते रहे हैं.
नियोत होवाव इजरायल का प्रमुख केमिकल और औद्योगिक हब
नियोत होवाव औद्योगिक क्षेत्र इजरायल का एक प्रमुख केमिकल और औद्योगिक हब है, जहां कई खतरनाक रसायनों का उत्पादन और भंडारण होता है. ऐसे में इस इलाके पर हमला सिर्फ सैन्य ही नहीं बल्कि पर्यावरण और नागरिक सुरक्षा के लिहाज से भी बेहद संवेदनशील माना जाता है. अब तक इस घटना में किसी बड़े मानवीय नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालात की गंभीरता को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है.
हाल के दिनों में ईरान, इजरायल-अमेरिका जंग के हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं. हिजबुल्लाह जैसे ईरान-समर्थित संगठनों और इजरायल के बीच सीमा पर झड़पें बढ़ी हैं, जबकि इजरायल ने ईरान के सैन्य ठिकानों और सहयोगी नेटवर्क को निशाना बनाने की रणनीति अपनाई है.
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